हरियाणा सरकार ने साध्वियों के यौन शोषण के मामले में रोहतक के सुनारिया जेल में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बाबा राम रहीम को एक दिन का पैरोल दिया है। पैरोल और बाबा को जेल से बाहर निकाले जाने की जानकारी हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज को भी नहीं लगी। यह बात अलग है कि बाबा की सुरक्षा के लिए जो पुलिस भेजी गई थी, वह गृह मंत्री के अधीन आती है। वहीं जेल मंत्री कहना है कि राम रहीम को जेल नियमों के अनुसार ही पैरोल दी गई है। पढ़िए पूरी इनसाइड स्टोरी...
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राम रहीम सिंह (फाइल फोटो)
बाबा ने यह पैरोल बाबा को अपनी बीमार मां को देखने के लिए मांगा था। इससे पहले भी जेल से बाहर आने के लिए बाबा ने कई बार आवेदन किया था लेकिन सरकार ने पैरोल देने से इनकार कर दिया। इस बार बाबा को गुपचुप तरीके से पैरेाल देकर उसकी बीमार मां से मिलवाया गया था। सूत्रों के मुताबिक 24 अक्तूबर को यह मुलाकात करवाई गई है।
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गृह मंत्री अनिल विज।
- फोटो : फाइल फोटो
रोहतक पुलिस को भी इसकी जानकारी तब मिली जब उनके पास चंडीगढ़ से फोन गया कि ऐसे-ऐसे तत्काल कार्रवाई करनी है। बाबा की सुरक्षा के लिए पुलिस की तीन टुकड़ियां भेजी गई थीं, जिनके मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए थे। जिस अधिकारी की अगुवाई में यह टुकड़ियां भेजी गई थीं सिर्फ उक्त अधिकारी के पास ही एक फोन था। जिसके माध्यम से सरकार के पास सारी सूचना पहुंच रही थी।
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राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
सुबह करीब सात बजे बाबा को जेल से निकाला गया और करीब चार बजे बाबा की यह वापसी हो गई। इस दौरान सुरक्षा के खास प्रबंध किए गए थे। बाबा राम रहीम को भी तय समय पर यह जानकारी दी गई थी कि उसे बाहर निकाला जा रहा है। जब वह अचानक अपनी मां से मिलने के लिए पहुंचा तो वहां भी करीब दो घंटे ही वह अपनी मां से मिल सका।
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गुरमीत राम रहीम
- फोटो : फाइल फोटो
बाबा के पैरोल की जानकारी बाबा को नहीं
राजनैतिक गलियारों में बाबा के नाम से मशहूर अनिल विज को भी बाबा की पैरोल की जानकारी नहीं थी। जबकि गृह मंत्री होने के नाते विज को यह जानकारी भी नहीं दी गई कि पुलिस सुरक्षा में राम रहीम को गुरुग्राम ले जाया जा रहा है। अनिल विज को भी यह जानकारी आज ही मिली कि रोहतक पुलिस की सुरक्षा में बाबा को उसकी बीमार मां से मिलवाने ले जाया गया था।