12 साल की उम्र में एक लड़ने ने 40 हजार शब्दों और 238 पृष्ठ का उपन्यास लिख दिया। उपन्यास लिखने वाले छात्र का नाम जयवीर है। चंडीगढ़ के रहने वाले जयवीर छठी कक्षा के छात्र हैं। जयवीर ने बताया कि उन्होंने नौ वर्ष की उम्र में उपन्यास "द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम" लिखने की शुरुआत की थी।
12 साल की उम्र, तीन साल की मेहनत...लिख डाला 40 हजार शब्दों का उपन्यास
जयवीर ने बताया कि वह प्रत्येक सप्ताह के अंत में उपन्यास को लिखने में साठ से नब्बे मिनट लगाते थे। हर चैप्टर लिखने के बाद वह उसे अपने दोस्तों और परिवार के साथ साझा करते थे। उनकी टिप्पणी के बाद वे उपन्यास में त्रुटियां ठीक करते थे।
माता पिता ने किया प्रोत्साहित
जयवीर को इतनी कम उम्र में लिखने के लिए उनके पिता-माता ने प्रोत्साहित किया। जसवीर के पिता जसजीत सिंह निजी बैंक में वाइस प्रेसिडेंट और मां गुरशीक कौर माता कॉलजे में प्रवक्ता हैं। जयवीर ने बताया कि उनके दिमाग में कहानी के विचार आते रहते थे। जिसके बाद उनके अभिभावकों ने उन्हें उन विचारों को लिखने के लिए प्रेरित किया। जयवीर को यह उपन्यास पूरा करने में तीन साल का समय लगा। जयवीर ने बताया उनकी यह कहानी एडवेंचर पर आधारित है।
दो जुड़वा भाइयों की कहानी है जयवीर का उपन्यास :
जयवीर ने बताया यह उपन्यास जोन और जेरेमी की कहानी है, दोनों जु़ड़वा भाई हैं। दोनों ही भाई एडवेंचर की तलाश में रहते हैं। लेकिन उनको एडवेंचर मिलता नहीं। एक बार बसंत के मौसम में एक डकैत उनके शांतिपूर्ण शहर में हंगामा मचाना शुरू कर देता है। इसके बाद एक हत्या होने के बाद माहौल काफी तनावपूर्ण होने लगता है। पुलिस भी इस मामले में साक्ष्य नहीं जुटा पाती। ऐसे में दोनों भाइयों के लिए खुद को साबित करने का एक शानदार मौका आता है। वह दोनों ही इस मिशन पर निकल पड़ते हैं। वह एक कुछ शक्तिशाली व्यक्तियों के बीच पहुंच जाते हैं। इस दौरान दोनों भाई एडवेंचर और मिस एडवेंचर की सीरीज में चलते जाते हैं।
साहित्य अकादमी और सेंट जोन्स ने किया उपन्यास का विमोचन
जयवीर सेंट जोन्स स्कूल -26 के छात्र हैं। उनके उपन्यास "द डबल फोर्स एंड द फालेन किंगडम" का विमोचन चंडीगढ़ साहित्य अकादमी और सेंट जोन्स ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के साथ मिलकर सेंट जोन्स स्कूल की प्राचार्य कविता दास ने शनिवार को किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व आईएएस विवेक अत्रे, लेखक खुशवंत सिंह और लेखक नील कमल पूरी रहे।
