{"_id":"69f2e66537915a6640083e94","slug":"haryana-more-than-21-thousand-children-admitted-to-private-schools-under-rte-2026-04-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Haryana: आरटीई के तहत 21 हजार बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला, रिकॉर्ड समय में सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Haryana: आरटीई के तहत 21 हजार बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला, रिकॉर्ड समय में सत्यापन से बढ़ी पारदर्शिता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 30 Apr 2026 10:55 AM IST
विज्ञापन
सार
15,013 बच्चों यानी करीब 69 फीसदी को उनकी पहली पसंद के स्कूल में प्रवेश मिला। वहीं 5,035 बच्चों को दूसरी या तीसरी पसंद के स्कूल आवंटित हुए।
School Admission
- फोटो : freepik
विज्ञापन
विस्तार
हरियाणा में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया।
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन लॉटरी ड्रा के माध्यम से कुल 31,009 आवेदनों में से 21,752 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं। इस प्रकार राज्य में 70.1 फ़ीसदी आवंटन दर दर्ज की गई, जो प्रक्रिया की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
सबसे राहत की बात यह रही कि 15,013 बच्चों यानी करीब 69 फीसदी को उनकी पहली पसंद के स्कूल में प्रवेश मिला। वहीं 5,035 बच्चों को दूसरी या तीसरी पसंद के स्कूल आवंटित हुए। केवल सीमित संख्या में छात्रों को चौथी या उससे नीचे की पसंद मिली।
कक्षावार आंकड़ों में नर्सरी में सर्वाधिक 10,880 सीटें भरी गईं, जबकि पहली कक्षा में 7,680 बच्चों को दाखिला मिला। दस्तावेज सत्यापन अभियान के तहत मात्र चार दिनों में 41 हजार से अधिक दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें 119 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने भागीदारी निभाई।
Trending Videos
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ऑनलाइन लॉटरी ड्रा के माध्यम से कुल 31,009 आवेदनों में से 21,752 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं। इस प्रकार राज्य में 70.1 फ़ीसदी आवंटन दर दर्ज की गई, जो प्रक्रिया की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
सबसे राहत की बात यह रही कि 15,013 बच्चों यानी करीब 69 फीसदी को उनकी पहली पसंद के स्कूल में प्रवेश मिला। वहीं 5,035 बच्चों को दूसरी या तीसरी पसंद के स्कूल आवंटित हुए। केवल सीमित संख्या में छात्रों को चौथी या उससे नीचे की पसंद मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन
कक्षावार आंकड़ों में नर्सरी में सर्वाधिक 10,880 सीटें भरी गईं, जबकि पहली कक्षा में 7,680 बच्चों को दाखिला मिला। दस्तावेज सत्यापन अभियान के तहत मात्र चार दिनों में 41 हजार से अधिक दस्तावेजों की जांच की गई, जिसमें 119 ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों ने भागीदारी निभाई।
