ठंड बढ़ने के साथ ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) का खतरा बढ़ गया है। अगर आप यहां बताए जा रहे नुस्खे अपना लेंगे तो हाड़ कंपाने वाली ठंड से खुद का बचाव कर पाएंगे।
ठंड में रक्त नलिकाएं सिकुड़ने से प्रवाह में रुकावट से दिमाग की नसें फट जाती हैं। रक्त का थक्का जमने से ब्रेन की क्षमता प्रभावित होती है। शरीर के एक तरफ का अंग काम नहीं करता है। इस स्थिति को ब्रेन स्ट्रोक (लकवा) कहते हैं।
आयुर्वेद के मुताबिक, ऐसे ठंड से बचें
शरीर के तापमान को मेंटेन करने के लिए भरपेट खाना खाएं। बहुत ज्यादा उपवास न रखें, ज्यादा भारी एक्सरसाइज न करें। न ज्यादा ठंडा और न ज्यादा गर्म पानी पीएं। गुड़, तिल, मूंगफली, ड्राइ फ्रूट और अदरक का इस्तेमाल करें। गर्म जगहों से सीधे ठंड वाली जगह पर न जाएं। सर्दियों में अलसी के बीज और तेल का भी इस्तेमाल करें।
ऐसे रखें ध्यान
हार्ट और बीपी के मरीज सुबह एकदम से ठंड में बाहर न जाएं। कमरे से बाहर निकलें तो गर्म कपड़े पहने रहें। बिस्तर छोड़ने के बाद थोड़ा व्यायाम अवश्य करें। सिर, हाथ-पैर अच्छी तरह ढक कर ही बाहर निकलें। शरीर गर्म रखने के लिए नियमित व्यायाम करें। भोजन में नमक की मात्रा सीमित रखें। ब्लड प्रेशर नियमित चेक कराएं। कॉलेस्ट्राल व बीपी नियंत्रित रखें। अचानक कमरे से बाहर न निकलें। सुबह धूप निकलने पर मॉर्निंग वॉक पर जाएं। हार्ट के मरीज हैं तो दवा का डोज बढ़वाएं।
कोल्ड डे 26 दिसंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान दिन का तापमान सामान्य से सात से आठ डिग्री कम दर्ज किया जाएगा। 26 के बाद थोड़ी राहत मिलने के आसार हैं। ऐसे में बचाव ही उपाय है।
- सुरेंद्र पाल, डायरेक्टर चंडीगढ़ मौसम विभाग