देश में एक ऐसी तकनीक पर काम किया जा रहा है, जिससे चीन के हाई टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी सिस्टम को टक्कर दी जा सकेगी। जानिए क्या है ये तकनीक।
2 of 7
चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम
चीन बार्डर और एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर सिक्योरिटी मजबूत करने के लिए भारत अपग्रेड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करेगा। ताकि बार्डर पर चीन के हाई टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी सिस्टम को टक्कर दी जा सके। इसके लिए सरकार ने चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम और उपकरणों को अपग्रेड करने का फैसला किया है।
3 of 7
चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम
इसके तहत बार्डर की सुरक्षा अब सुपर सर्विलांस सिस्टम से होगी। वहीं सीमा सुरक्षा में जुटे जवानों को अत्याधुनिक हथियारों और निगरानी उपकरणों से लैस किया जाएगा। साथ ही वहां तैनात जवानों के लिए हाई पावर फोर व्हीलर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे जवानों को सुविधा होगी। चंडीगढ़ आए आईटीबीपी फोर्स के डीजीपी कृष्णा चौधरी ने ‘अमर उजाला’ को यह जानकारी दी।
4 of 7
चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम
डीजीपी चौधरी ने बताया कि चीन बार्डर पर सुरक्षा के लिए जवानों की संख्या बढ़ाने के बजाय अब एक नई रणनीति के तहत काम किया जा रहा है। जिससे चीनी जवानों की हरकत पर आसानी से पैनी नजर रखी जा सकेगी। डीजीपी ने बताया कि चीन बार्डर पर सबसे ऊंची पोस्ट 18750 फुट पर (ओपी दोर्जिला) मौजूद है, जहां आईटीबीपी के जवान तैनात हैं।
5 of 7
चीन बार्डर पर सिक्योरिटी सिस्टम
इसके अलावा 12 हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाली 70 से अधिक चौकियां चीन बार्डर पर मौजूद हैं। उनके अनुसार, यहां बर्फीले मौसम से लड़ना ही जवानों के लिए बड़ी चुनौती होती है, इसलिए अब जवानों की बार्डर आउट पोस्ट को कंपोजिट तरीके से तैयार की जा रही है, जो कि तापमान नियंत्रित होंगी और इनमें फ्रीज प्रूफ टॉयलेट बनेंगे।