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मां ने माथे पर सेहरा सजाया, अर्थी को कंधा दिया, तब चली शहीद जवान की शवयात्रा, देखिए तस्वीरें

Thu, 25 Oct 2018 09:04 AM IST
आर. रघुवंशी, अमर उजाला, बटाला (पंजाब)
आर. रघुवंशी, अमर उजाला, बटाला (पंजाब) Updated Thu, 25 Oct 2018 09:04 AM IST
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Indian Army Soldier Simardeep Singh Funeral, Killed on Border
शहीद सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार
सात फेरे लिए बिना ही वो दुनिया छोड़कर चला गया। मां ने माथे पर सेहरा सजाया, अर्थी को कंधा दिया, तब शहीद सिमरदीप सिंह की शवयात्रा निकली, देखिए तस्वीरें।
Indian Army Soldier Simardeep Singh Funeral, Killed on Border
शहीद सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार
27 साल के शहीद सिमरदीप सिंह निवासी दशमेश नगर बटाला का पार्थिव शरीर बटाला पहुंचा। मां पलविंदर कौर अपने बेटे का शव देखते ही चीखने लगी, वहीं पिता की आंखों से लगातार आंसू बह रहे थे। दादा वरियाम सिंह का रो-रो कर बुरा हाल है। करीब 11 बजे शमशानघाट में पूरे सरकारी सम्मान के साथ सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मां ने सिमरदीप सिंह के माथे पर सेहरा सजाकर और उनकी अर्थी को कंधा देकर बेटे को अंतिम विदाई दी।

 
Indian Army Soldier Simardeep Singh Funeral, Killed on Border
शहीद सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद की मां पलविंदर कौर ने बताया कि वह बेटे के सिर पर सेहरा सजा देखना चाहती थी। 21 नवंबर को उसके बेटे की शादी थी। शादी की सभी तैयारी पूरी हो चुकी थी, घर में रंग रोगन हो रहा था, दुल्हन के लिए कपड़े तक खरीद लिए गए थे। कुछ दिन पहले सिमरदीप का फोन आया था कि वह अपनी शादी से दस दिन पहले आ जाएगा। लेकिन सारे सपने टूट कर बिखर गए। सिमर हमेशा के लिए मुझे छोड़कर चला गया, मेरी ख्वाहिश अधूरी रह गई।

 
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Indian Army Soldier Simardeep Singh Funeral, Killed on Border
शहीद सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार
मिली जानकारी के अनुसार, शहीद सिमरदीप सिंह (27) पुत्र बलजीत सिंह निवासी दशमेश नगर जीटी रोड बटाला करीब डेढ़ साल पहले ही बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उन्हें सेना में जाने का बचपन से ही शौक था। वहीं, बड़े होने पर उनके बचपन के ज्यादातर दोस्त बीएसएफ में ही भर्ती हुए थे। इसके चलते वे भी अपने जोश और देश के प्रति उत्साह को लेकर बीएसएफ में ही भर्ती हो गए और दुश्मनों से लड़ते हुए देश पर कुर्बान हो गए।

 
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Indian Army Soldier Simardeep Singh Funeral, Killed on Border
शहीद सिमरदीप सिंह का अंतिम संस्कार
शहीद अपने पीछे माता पलविंदर कौर, पिता बलजीत सिंह और दो छोटे भाइयों को छोड़ गए हैं। बताया जा रहा है कि शादी से एक महीना पहले मिजोरम के ब्रह्मा बार्डर पर तैनात सिमरदीप सिंह को रविवार को गोली लगी थी। उन्हें घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सोमवार को बीएसएफ अधिकारियों ने उनके पिता बलजीत सिंह को फोन करके शहादत की खबर दी और उसके बाद घर में कोहराम मच गया।
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