सलवार सूट पहनकर रिंग में उतरी थी, अब डब्ल्यूडब्ल्यूई में खेलने के लिए उड़ान भर चुकी है खली की पहलवान पुलिसवाली और अपने साथ एक चीज ले गई है।
बात हो रही है, हार्ड केडी के नाम से मशहूर हरियाणा के जींद जिले की रहने वाली रेसलर कविता दलाल की। डब्ल्यूडब्ल्यूई में इनका सिलेक्शन हो चुका है और वे वहां तक पहुंचने वाली देश की पहली महिला पहलवान बन चुकी हैं। गत 3 जुलाई को वे डब्ल्यूडब्ल्यूई मुकाबलों के लिए रवाना भी हो गई हैं और साथ में ले गई हैं मां के हाथों से बने देसी घी के लड्डू।
3 of 6
पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
अमेरिका के फ्लोरिडा में 13 से 14 जुलाई तक डब्ल्यूडब्ल्यूई माय यंग क्लासिक चैंपियनशिप का आयोजन होगा। देश की 30 वर्षीय पहलवान कविता दलाल इसमें हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में वे 31 पहलवानों से भिड़ेंगी। कविता समेत कई देशों की 32 महिला रेसलर इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट सिंगल एलिमिनेशन के आधार पर होगा।
4 of 6
पहलवान कविता दलाल
- फोटो : फाइल फोटो
अमेरिका के फ्लोरिडा रवाना होने से पहले 3 जुलाई को कविता दलाल ने यूपी के मेरठ जिले के दरौला गांव के मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद उसने दिव्यांग बच्चों के साथ कुछ समय बिताया। मेरठ में ही आयोजित एक कार्यक्रम में ऑल इंडिया जाट महासभा के पदाधिकारियों ने कविता को सम्मानित भी किया, साथ ही डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में लहराने को तिरंगा भेंट किया।
बता दें कि कविता दलाल अब से कॉन्टिनेंटल रेसलिंग इंटरटेनमेंट (सीडब्ल्यूई) में बतौर रेसलर के रूप में धूम मचा चुकी हैं। कई विदेशी पहलवानों को धूल चटा चुकी हैं। यहां तक कि उन्होंने द ग्रेट खली की स्टूडेंट बुलबुल की भी धुलाई की थी, वो भी सलवार सूट पहनकर। डब्ल्यूडब्ल्यूई के रिंग में उतरने के लिए कविता जालंधर में स्थित खली की एकेडमी में तैयारी की थी।