बचपन से लेकर जवानी तक पापा ने हमेशा मुझको एक बात समझाई कि खुद पर विश्वास रखो। बॉलीवुड मेरे लिए एकदम नया था। कैमरा देखा जरूर था पर फेस नहीं किया था। पहली बार जब कैमरा फेस किया तो थोड़ा परेशान था पर फिर सब कुछ सामान्य हो गया। यह कहना है फिल्म स्टार करण देओल का। सनी देओल के बेटे करण देओल चंडीगढ़ में अपनी मूवी की प्रमोशन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान करण देओल ने अपनी जिदंगी के कई राज खुले...
करण देओल ने कहा कि फिल्म की शूटिंग के दौरान यदि वह परेशान होते या एक्टिंग में कोई कमी रह जाती तो पापा सभी से अलग ले जाते और समझाते कि यह कैसे ठीक होगा। चाहे बचपन हो या फिर जवानी, पापा ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि देओल फैमिली इस वजह से खास मानी जाती है क्योंकि यहां हरेक के लिए दरवाजे खुले हैं।
दादा जी और पापा ने हमेशा सभी का साथ दिया है। करण देओल ने कहा कि दादा धर्मेंद्र और पापा सनी देओल दोनों की एक्टिंग जबरदस्त रही है। दादा जी धर्मेंद्र का रोमांटिक रोल और पापा का एक्शन उनको काफी अच्छा लगता है। करण ने कहा कि पापा की वजह से ही उनका कैरियर बना है। उनकी तमन्ना है कि वह अपने पिता की तरह अर्जुन जैसा रोल करें।
उनको अक्सर स्कूल में बच्चे चिढ़ाते थे कि क्या एक्टिंग करेंगे... कई बार कमेंट करते थे। उनका मन कई बार विचलित होता था पर पापा हमेशा समझाते थे कि किसी से कुछ नहीं कहना है, अपना काम करना है। करण देओल ने कहा कि वास्तव में पापा जबरदस्त डायलॉग और मूवी करने वाले एक सुपर पापा हैं। दो बार उनको नेशनल अवार्ड मिला तो यूं ही नहीं।
इस मूवी में उनके साथ सेहर बंबा हैं। करण देओल कहते हैं कि यह फिल्म काफी खास है क्योंकि उनकी पहली फिल्म होने के साथ उन्हें अपने पिता के डायरेक्शन में काम करने का मौका मिला। करण ने कहा कि वास्तव में जिस प्रकार से सनी देओल ने बिना किसी सहारे के अपना नाम खुद बनाया है और वह भी ऐसा ही करना चाहते हैं। करण देओल ने कहा कि उनको चंडीगढ़ बेहतरीन लगता है। पंजाब में कई बार रिश्तेदारों के पास जाते हैं या फिर हिमाचल जाते हैं तो चंडीगढ़ से होकर ही जाते हैं।