मनीमाजरा के माडर्न कांप्लेक्स में बुधवार देर रात हुए तिहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में पुलिस गुरुवार को पूरे दिन उलझी रही। इसी बीच देर शाम पीजीआई में कृष्णा स्वीट्स के मालिक और परिवार के मुखिया सुरेंद्र अरोड़ा उर्फ संजय ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिससे तिहरे हत्याकांड की यह गुत्थी और उलझ गई। सूत्रों के मुताबिक, संजय ने करोड़ों रुपये का लोन ले रखा था, जिसकी रिकवरी के लिए फाइनेंसर लगातार उन्हें परेशान कर रहे थे। इसके चलते वह डिप्रेशन में थे और इसी कारण उन्होंने खुदकुशी का प्रयास किया।
मनीमाजरा हत्याकांडः हत्या से पहले मां से हुई झड़प, बेटा-बेटी को बेरहमी से काटा, पढ़ें खुलासे
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गुरुवार को दिनभर की जांच में यह खुलासा हुआ कि मां, बेटे और बेटी की हत्या के बाद संजय ने मनसा देवी के रेलवे ब्रिज के पास ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी लेकिन ब्रिज से नीचे गिरकर वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद पहले उन्हें सेक्टर-6 पचंकूला के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से पीजीआई रेफर कर दिया गया। संजय के घर से बरामद सुसाइड नोट में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि पंचकूला सेक्टर-10 में संजय ने एक प्रॉपर्टी की खरीद की थी, जिसमें उनके साथ धोखाधड़ी की गई है, जिसकी शिकायत उन्होंने पंचकूला पुलिस को दी थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह डिप्रेशन में थे।
साथ ही लिखा है कि वह पैसों से तंगी से परेशान हो चुके हैं, जिसके चलते वह आत्महत्या कर रहे हैं, उनकी मौत के बाद परिवार के किसी व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। फिलहाल पुलिस इस तिहरे हत्याकांड में संजय को मुख्य संदिग्ध मान रही है। पुलिस को आशंका है कि संजय ने ही वारदात को अंजाम देकर खुदकुशी करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस अन्य पहलुओं से भी इस हत्याकांड की जांच कर रही है। बता दें कि बीती बुधवार देर रात करीब एक बजे पुलिस को सूचना मिली कि मॉडर्न हाउसिंग कांप्लेक्स के फ्लैट नंबर 5012 में तीन लोगों की हत्या कर दी गई है।
मौके पर एसपी सिटी विनीत कुमार, थाना प्रभारी जसविंदर कौर की टीम ने पहुंचकर घर का ताला तोड़ा। इस दौरान संजय की बेटी रतना उर्फ सांची का गला कटा शव दरवाजे के पास पड़ा था जबकि अंदर कमरे में पत्नी सुनीता उर्फ सरिता और बेटे अर्जुन का शव बेड पर पड़ा था। पुलिस जांच में सरिता का गला आगे और पीछे से रेता गया था जबकि अर्जुन का गला भी काटा गया था। मौके पर सीएफएसएल की टीम ने वीडियोग्राफी कर सबूत इकट्ठा किए। पुलिस जांच कर ही रही थी पता चला कि संजय एक्सीडेंट के बाद पीजीआई में भर्ती हैं। पुलिस टीम पीजीआई पहुंची तो वहां संजय की दुकान चलाने वाला कर्मवीर मिला।
कमवीर से पूछताछ में पता चला कि बुधवार रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पता चला कि संजय पीजीआई में भर्ती हैं, उनका एक्सीडेंट हुआ है और वह बेहोश है। इसके बाद वह पीजीआई पहुंचे और उनके घर पर फोन किया लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया तो उन्होंने अमित नाम के लड़के को घर भेजा तो घर पर ताला लगा था जबकि अंदर लाइट जल रही थी। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी, जिस पर तिहरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।