फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pics: दो ट्रेनों की आवाजाही के बीच हुआ अमृतसर रेल हादसा, हर तरफ बिखर गए शव

Sat, 20 Oct 2018 04:59 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर (पंजाब) Updated Sat, 20 Oct 2018 04:59 AM IST
विज्ञापन
many people killed in Amritsar rail accident
अमृतसर रेल हादसा

पंजाब के अमृतसर में दशहरा के दिन बड़ा रेल हादसा हो गया। यहां के जौड़ा फाटक के पास स्थित एक मैदान में लोग रावण दहन देख रहे थे। ये सभी लोग रेल ट्रैक पर खड़े थे। तभी तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से 61 लोगों की जान चली गई और 70 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। हादसा इतना दर्दनाक है कि इसकी पूरी तस्वीरें भी नहीं दिखाई जा सकती हैं।


 

many people killed in Amritsar rail accident
अमृतसर रेल हादसा
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि यह आकड़ा दो सौ से अधिक हो सकता है। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है और उन्होंने मृतकों के परिवार के प्रति संवेदना जताई। घटनास्थल पर राहत एंव बचाव कार्य जारी है और वो भी घटनास्थल जाएंगे। वो वायुसेना के विशेष विमान से अमृतसर के लिए रात 11 बजे रवाना होंगे।
many people killed in Amritsar rail accident
अमृतसर रेल हादसा
अमृतसर- दिल्ली रेलवे ट्रैक पर सौ से अधिक स्पीड में दो ट्रेने निकली। हादसा अमृतसर के रेलवे फाटक नंबर 27c के पास हुआ। इसी दौरान घटनास्थल से हावड़ा-अमृतसर (12054) ट्रेन गुजर चुकी थी। अंधेरा होने के कारण लोगों को दूसरी ट्रेन के बारे में पता नहीं चला। उसी समय वहां पर जालंधर-अमृतसर पैसेंजर ट्रेन डीएमयू (74643) ट्रेन गुजरी। ट्रैक पर कई लोग खड़े थे, जिन्हें ट्रेन कुचलते हुए गुजर गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन
many people killed in Amritsar rail accident
अमृतसर रेल हादसा
प्रशासन की पहली लापरवाही ये थी कि आयोजन के लिए कोई इजाजत नहीं दी गई थी और स्थानीय पार्षद ने ये आयोजन कराया था। वहीं दूसरी सबसे बड़ी चूक मैदान में लगी एलईडी लाइटें को रेलवे ट्रैक की ओर लगा दिया गया था। जिस वजह से लोग रेल ट्रैक नहीं देख पाए और हादसा हो गया। 
विज्ञापन
many people killed in Amritsar rail accident
अमृतसर रेल हादसा

हादसे पर नवजोत कौर सिद्धू का बयान आया है। नवजोत कौर सिद्धू ने कहा कि वहां पर पर्याप्त पुलिस बल मौजूद था। रेलवे ट्रैक पर बहुत सालों से रावण दहन होता रहा है। छह जगह रावण जलाए गए और ये सभी रेलवे ट्रैक के पास है। ये रेलवे की बड़ी लापरवाही है। ट्रेन काफी तेज थी और उनकी स्पीड कम नहीं की गई। हमने तुरंत कमीश्नर साहब से बात की और पूछा मैं घटनास्थल पर आऊं।

हम सारी रात यहीं पर है। जब तक सभी को सुविधा मुहैया नहीं करा लेते। पता ही नहीं चला कि ये लोग ट्रैक पर सेल्फी ले रहे थे या फिर कैसे पहुंच गए। हमारे इलाके के ये लोग हैं। हमने ट्रैक पर नहीं बैठाया। इस पर रातनीति करने करने वालों को शर्म आनी चाहिए। खबरों के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू घटना के वक्त मंच पर मौजूद थी। हादसे के बाद वह वहां से चली गई। प्रशासक को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed