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पासपोर्ट का फॉर्म भरते समय भूलकर भी न करें ये गलती, जेल जाना पड़ सकता है
Tue, 26 Dec 2017 06:47 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 26 Dec 2017 06:47 PM IST
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पासपोर्ट बनवाना है तो फार्म भरते समय भूलकर भी ये गलती न करियेगा। अगर आपने ऐसा किया तो जेल जाना पड़ सकता है, पढ़ लें खबर।
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मामला चंडीगढ़ का है। यूथ कांग्रेस के पूर्व प्रधान विजयपाल सिंह डिंपी ने पासपोर्ट फार्म की डिक्लेरेशन में खुद पर कोई एफआईआर दर्ज न होने की झूठी जानकारी दी। मामले में अदालत के आदेश पर डिंपी पर केस दर्ज हुआ और उन्होंने सरेंडर कर दिया। अब उन्होंने जमानत के लिए याचिका दायर कर दी। इस पर अदालत ने उन्हें 1 लाख रुपये के श्योरिटी बॉन्ड पर जमानत के आदेश दे दिए।
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डिंपी के खिलाफ अदालत के आदेश पर 15 अक्तूबर 2016 को सेक्टर-31 थाना पुलिस ने पासपोर्ट एक्ट 12 और धोखाधड़ी की धारा के तहत केस दर्ज किया था। मामले के अनुसार चंडीगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पंजाब के पूर्व डीजीपी एसएस विर्क की शिकायत पर डिंपी के खिलाफ 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
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विर्क की शिकायत थी कि डिंपी ने जमीन दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपये लिए थे। लेकिन, न तो उन्हें जमीन दिलाई और न ही रकम वापस की। इसके बाद विर्क ने जनवरी 2014 में तत्कालीन आईजी आरपी उपाध्याय को डिंपी के खिलाफ शिकायत दी थी। इसके बाद पुलिस ने डिंपी पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था। यह केस अदालत में चल रहा था कि उसी दौरान शिकायतकर्ता को पता चला कि डिंपी ने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है।
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साथ ही उस फार्म में उसने खुद पर कोई एफआईआर दर्ज न होने की बात कही। इस पर शिकायतकर्ता पक्ष ने सीआरपीसी की धारा 190 के तहत अदालत को सूचना दी कि आरोपी ने पासपोर्ट फार्म में गलत सूचना दी है। उनके अनुसार उस समय आरोपी पर अलग-अलग मामलों में 7 एफआईआर दर्ज थी। इस पर अदालत ने इसे अन्य अदालत की ज्यूरिडिक्शन बताते हुए इसे दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया।
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