हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने सोमवार को टूलकिट मामले में गिरफ्तार एक्टिविस्ट दिशा रवि पर ट्वीट किया। इसके बाद खूब बवाल हुआ। विज के ट्वीट को लेकर ट्विटर पर रिपोर्ट कर दी गई। रिपोर्ट करने वालों ने सामग्री को ट्विटर से हटाने की मांग की। कांग्रेस नेता शशि थरूर भी इस मामले में कूद पड़े और टूलकिट से ज्यादा विज के बयान से लोकतंत्र को खतरा बताया।
दिशा रवि पर अनिल विज के ट्वीट से बवाल, थरूर बोले- टूलकिट से ज्यादा खतरनाक है बयान, ट्विटर ने कही ये बात
हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने देश विरोधी टिप्पणी करने वालों पर सोमवार सुबह ट्विटर के जरिये हमला बोला था। विज ने ट्वीट करते हुए कहा कि देशद्रोह का बीज जिसके भी दिमाग में हो उसका समूल नाश किया जाना चाहिए, चाहे वो दिशा रवि हो या कोई और। मैं ये नहीं कहता कि सरकार की नीतियों का विरोध करना अपराध है। प्रजातंत्र है और किसी भी मुद्दे पर कोई भी विरोध कर सकता है। लेकिन विरोध करने के लिए विदेशी शक्तियों के साथ सांठगांठ करना देशद्रोह की श्रेणी में आता है।
देश विरोध का बीज जिसके भी दिमाग में हो उसका समूल नाश कर देना चाहिए फिर चाहे वह #दिशा_रवि हो यां कोई और ।
विज ने कहा कि अगर हम इस पर तुरंत रोक नहीं लगाएंगे और कार्रवाई नहीं करेंगे तो ये एक छुआछूत की बीमारी की तरह फैलती जाती है। ये देश के लिए हितकारी नहीं है। इसलिए इनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करनी चाहिए और जो लोग ऐसे लोगों का समर्थन करते हैं राष्ट्र को ऐसे लोगों को भी पहचानना चाहिए। फिर चाहे वो प्रियंका गांधी हो, राहुल गांधी हो या केजरीवाल। ये देशद्रोह के लिए लोगों को उकसा रहे हैं। इनका मकसद क्या है, ये भी पहचानना चाहिए। ऐसे लोगों की भरपूर निंदा, तिरस्कार देश में करना चाहिए।
Surely tweets like this are far more harmful to our democracy than anything in the “toolkit” @DISHARAVI21 retweeted? https://t.co/veVEp6CyUN
विज के इस ट्वीट पर खूब हंगामा हुआ। कांग्रेस नेता शशि थरूर बोले कि टूलकिट से ज्यादा लोकतंत्र को ऐसे बयान से खतरा है। ट्विटर ने भी ट्वीट हटाने को लेकर की गई रिपोर्ट की जांच की। हालांकि उसके बाद बताया गया कि ट्विटर रूल्स और जर्मन कानून के तहत ट्वीट में हटाने वाली कोई सामग्री नहीं है। इसलिए रिपोर्ट पर हम कोई कार्रवाई नहीं कर सकते।
21 साल की एक्टिविस्ट दिशा रवि की बेंगलुरु से गिरफ्तारी हुई थी। दिशा फ्राइडे फॉर फ्यूचर कैंपैन की फाउंडरों में से एक हैं। दिशा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल से लेकर तमाम विपक्षी नेता दिशा की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं। पटियाला हाउस कोर्ट कॉम्प्लेक्स के ड्यूटी मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट देव सरोहा ने दिशा रवि से पूछताछ के लिए पांच दिन की पुलिस हिरासत की अनुमति दी।