पंजाब की संगरूर लोकसभा उपचुनाव में शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष और खालिस्तान समर्थक सिमरनजीत सिंह मान ने आप के उम्मीदवार गुरमेल सिंह घराचों को 5822 मतों से हरा कर जीत का परचम फहराया है। इस चुनाव में कांग्रेस, शिअद और भाजपा के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई है। संगरूर को आम आदमी पार्टी का गढ़ माना जाता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान इस सीट से लगातार दो बार सांसद रह चुके हैं। मगर 77 साल के सिमरनजीत सिंह मान ने आप का किला ढहा दिया है। ऐसे में आइए जानते कौन हैं सिमरनजीत सिंह मान....
संगरूर के नए सांसद के किस्से: ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद छोड़ी थी IPS की नौकरी, कृपाण ले जाने से रोकने पर लोकसभा से दिया था इस्तीफा
ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में छोड़ी थी IPS की नौकरी
सिमरनजीत सिंह मान का जन्म साल 1945 में शिमला में हुआ था। चंडीगढ़ के सरकारी कॉलेज से स्नातक करने के बाद 1967 में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) में शामिल हुए। इस दौरान वे पुलिस अधीक्षक (सतर्कता), एसपी (मुख्यालय), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) फिरोजपुर, एसएसपी फरीदकोट और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के ग्रुप कमांडेट सहित विभिन्न पदों पर रहे। वे पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साढ़ू हैं। उन्होंने 18 जून 1984 को ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में नौकरी छोड़ दी थी। मान खालिस्तान के समर्थक रहे हैं और विभिन्न मंचों पर सिखों और अल्पसंख्यकों के मुद्दों को उठाते रहे हैं। उनके पिता लेफ्टिनेंट कर्नल जोगिंदर सिंह मान विधानसभा स्पीकर रह चुके थे।
कृपाण से मान को बेहद प्यार
तरनतारन से 88 प्रतिशत वोट पाने के बाद भी सिमरनजीत सिंह मान कभी संसद नहीं गए। इसके पीछे का रोचक तथ्य यह है कि संसद में कृपाण ले जाने की मनाही थी, बिना कृपाण के उन्होंने संसद जाना छोड़ दिया। वह हमेशा अपने पास कृपाण को साथ रखते हैं।
आप की प्रतिष्ठा वाली सीट जीती
संगरूर लोकसभा सीट पर आप का दबदबा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान 2014 और 2019 में इसी सीट से सांसद चुने गए थे। वह इसी लोकसभा क्षेत्र के धुरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। इसमें नौ विधानसभा सीटे हैं। साल 2022 में आप ने सभी विधानसभा सीटों पर जीत हासिल की थी। मुख्यमंत्री बनने के बाद मान ने यह सीट छोड़ दी थी। दो दशक बाद संसद लौटे 77 वर्षीय मान ने 23 साल बाद इस सीट पर जीत हासिल की है। वे साल 1989 में तरनतारन और 1999 में संगरूर से लोकसभा के लिए चुने गए थे।
उन्होंने 2022 का विधानसभा चुनाव अमरगढ़ सीट से लड़ा था और आप के जसवंत सिंह गज्जनमाजरा से 6043 वोटों से हार गए थे। जीत के बाद सिमरनजीत ने कहा-कई लोग हंसते थे और कहते थे कि सिमरनजीत सिंह मान क्या करेगा। वे आज गलत साबित हो गए। संगरूर से जीत पर सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि यह हमारी पार्टी कार्यकर्ताओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तालीम की जीत है। मैं अपने निर्वाचन क्षेत्र के किसानों, खेतिहर मजदूरों, व्यापारियों की पीड़ा को दूर करने के लिए कड़ी मेहनत करुंगा।
