गुरु गद्दी संभालने के बाद पहली बार पठानकोट के इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर झझेली पहुंची निरंकारी प्रमुख माता सुदीक्षा ने विशाल समागम के दौरान प्रवचन दिया। इस दौरान पंजाब, जम्मू और कश्मीर व हिमाचल से सवा लाख से अधिक श्रद्धालु निरंकारी प्रमुख माता सुदीक्षा की एक झलक पाने को उमड़ पड़े।
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सत्संग में उमड़े लाखों श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
समागम स्थल पर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज का स्वागत पठानकोट के जोनल इंचार्ज मनोहर लाल शर्मा, निरंकारी मण्डल प्रधान गोविंद सिंह, क्षेत्रीय संचालक महात्मा सूरज मोहन कालड़ा, चंबा (हिमाचल) के जोनल इंचार्ज दूनी चंद व जम्मू के जोनल इंचार्ज, संयोजक व मुखी महात्माओं ने किया। सुदीक्षा महाराज ने कहा कि सांसारिक माया अस्थायी है, केवल परमात्मा ही सदैव सत्य और स्थायी है, जिसको जीवन का आधार बनाकर चलना है।
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सत्संग में उमड़े लाखों श्रद्धालु
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सत्संग कोई मेला नहीं जहां भीड़ एकत्रित करनी है, बल्कि सत्संग में आकर महात्माओं के वचनों को ध्यान से सुन कर जीवन को उसी मुताबिक ढालना है। सत्संग रूह की खुराक है, हमें सत्संग में आकर मर्यादित ढंग से सत्संग करना चाहिए तथा आत्मा का नाता परमात्मा से जोड़ते हुए अपनी आध्यात्मिक तरक्की की ओर अग्रसर होना चाहिए।
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जालंधर में माता सुदीक्षा जी
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उन्होंने कहा कि हमारा सहज भाव केवल बातों तक ही सीमित न रहे, अपने स्वभाव में बदलाव कर सहज भाव को ही प्राथमिकता दें। इंसान माया में इतना प्रभावित हो चुका है कि मानवता को भूलता जा रहा है। उन्होंने कहा कि माया एक परछाईं के समान है जिसे जितना पकड़ना चाहोगे उतनी ही दूर भागेगी और सुखमयी जीवन को दुखभरा बना देगी।
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सत्संग में उमड़े लाखों श्रद्धालु
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यह सारी समझ सत्संग में संतों के वचनों को सुनने से आती है। संत हमेशा सत्संग से जुड़ने पर बल देते हैं, क्योंकि सत्संग ही एक ऐसा सीधा मार्ग है, जो हमें प्रभु के द्वार पर लेकर जाता है। इस मौके पर पठानकोट के विधायक अमित विज, पूर्व विधायक अश्वनी शर्मा, नगर सुधार ट्रस्ट चेयरमैन विभूति शर्मा और प्रेम कतनौरिया भी पहुंचे।