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Women's Day: इन लड़कियों का जज्बा देख सलाम करेंगे, करती हैं वो काम...जिससे अच्छे-अच्छे शरमाएं

Wed, 06 Mar 2019 01:22 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 06 Mar 2019 01:22 PM IST
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Women's Day 2019, Pad Woman Success Story
पैड वूमेन लावणया
वूमेन्स डे के मौके पर हम आपको सुना रहे हैं, उन लड़कियों की कहानी जो वो काम करती हैं, जिसे करने में अच्छे-अच्छों को शर्म आ जाए या करने की हिम्मत ही न पड़े। इनके जज्बे को देखकर आप पीठ थपथपाना चाहेंगे।
Women's Day 2019, Pad Woman Success Story
पैड वूमेन लावणया
ये हैं चंडीगढ़ निवासी दो लड़कियां- 15 साल की जानवी और 17 वर्षीय लावाण्या, जो एक सराहनीय कदम उठाकर दूसरों के लिए प्रेरणा बन गईं हैं। ये दोनों गरीब लड़कियों के लिए सैनिटरी पैड बनाती हैं और उनको निशुल्क बांटती हैं। जानवी और लावाण्या ने बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की फिल्म पैड मैन से प्रेरित होकर यह काम शुरू किया।
Women's Day 2019, Pad Woman Success Story
सांकेतिक तस्वीर
हुआ यूं कि अक्षय कुमार की फिल्म पैडमैन देखने के लिए जानवी और लावाण्या एक साथ गईं थीं। दोनों को फिल्म की कहानी बहुत अच्छी लगी। फिर दोनों ने घर आकर ठान लिया कि ऐसा ही प्रयास वे भी करेंगी। दोनों ने अपनी मां से बात की और यह काम करने के लिए मंजूरी ली। पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने भी प्रोत्साहित किया। जानवी बताती हैं कि जब पैड बांटने के बारे में सोचा तो कीमत अधिक थी, इसलिए उन्होंने इसे बनाने पर विचार किया। लावाण्या की मां विधु जैन ने दोनों को डॉक्टर से पैड बनाना सीखने की सलाह दी। फिर उन्होंने डॉक्टर रितु नंदा से पैड बनाना सीखा।
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Women's Day 2019, Pad Woman Success Story
सांकेतिक तस्वीर
लावाण्या ने बताया कि इस प्रयास में उसके भाई ने भी साथ दिया। जानवी के भाई त्रिनभ जैन (14), सुमेर वीर सिंह (9) और रणवीर सिंह (9) ने इस अभियान में मदद करने की पेशकश की और 2000 सैनिटरी पैड बनाने में सहयोग भी दिया। जानवी देहरादून स्थित वेल्हम गर्ल्स स्कूल में 10वीं कक्षा की छात्रा हैं तो लावाण्या जालंधर के कॉन्वेंट स्कूल मेयर वर्ल्ड में 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रही हैं। दोनों बचपन की सहेलियां हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
जानवी एवं लावाण्या ने बताया कि जब उन्होंने पैड बनाने के बारे में सोचा था तो पैसे नहीं थे, इसलिए दोनों ने अपनी पॉकेट मनी से शुरूआत की। शुरूआत में दोनों की पॉकेट मनी से पांच हजार रुपये इकट्ठे हुए। पैसे कम थे तो जानवी के पिता करणवीर सिंह एवं लावाण्या के पिता पुनित जैन ने साथ दिया। घर वालों ने 10 हजार रुपये दिए, जिसकी बदौलत कुल 15 हजार रुपये से दोनों ने अपना पहला अभियान पूरा किया। अब वे देहरादून, जालंधर और चंडीगढ़ में सेनेटरी पैड फ्री में बांटती हैं।
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