ऑस्ट्रेलिया फतह करने को लेकर 2007 में मंकी गेट सरीखा विवाद अपने सिर लेने वाले हरभजन सिंह भारतीय तेज गेंदबाजों के मुरीद बन गए हैं। 417 टेस्ट विकेट उखाडने वाला यह ऑफ स्पिनर ऑस्ट्रेलिया में कहर बरपाने वाले भारतीय तेज गेंदबाजों को देश का अब तक सर्वश्रेष्ठ पेस आक्रमण करार देते हैं। उनके मुताबिक सौरव गांगुली के समय में भी भारत के पास तीन तेज गेंदबाजों का ऐसा आक्रमण नहीं था।
भज्जी ने बयां किया हाल-ए-दिल, कुलदीप यादव और ऋषभ पंत के हुए दीवाने
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ऑस्ट्रेलिया में 71 सालों में मिली पहली जीत का कारण हरभजन पुजारा की बल्लेबाजी और इशांत, शमी, बुमराह की गेंदबाजी करार देते हैं। वह साफ करते हैं कि कुलदीप को अब टेस्ट टीम के नंबर एक स्पिनर के रूप में खिलाने का समय आ गया है।
वहीं पंत को वह वन डे में तीसरे ओपनर के रूप में रखने की वकालत करते हैं, जबकि टेस्ट टीम में मयंक को बतौर ओपनर नियमित मौका दिए जाने की बात कहते हैं।
भारत से बाहर कुलदीप-जडेजा की जोड़ी श्रेष्ठ
विराट ने भी कहा है कि पता नहीं लग रहा कि उन्हें कौन सी चोट है। फिर उन्होंने बाहर टेस्ट भी नहीं जिताए हैं। ऐसे में कुलदीप को अग्रणी स्पिनर के रूप में उतारा जाए और रवींद्र जडेजा को उनके साथी के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
वन-डे टीम में राहुल की जगह पंत को होना था
सोनी नेटवर्क पर अपनी हिंदी कमेंट्री की दूसरा में साथियों को उलझा रहे हरभजन का मानते हैं कि वन डे सीरीज में केएल राहुल के स्थान पर बतौर तीसरे ओपनर ऋषभ पंत को रखना चाहिए था। उसमें सफेद गेंद से ओपनिंग करने का माद्दा है। वर्ल्ड कप में भी उसे तीसरे ओपनर और दूसरे विकेट कीपर के रूप में चुना जाना चाहिए।
राहुल-विजय को दें आराम
हरभजन के मुताबिक राहुल, विजय को काफी मौका मिल चुका है। अब उन्हें घरेलू सत्र में खेलकर वापसी करना चाहिए। मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, और शुभमन गिल को बतौर ओपनर मौका दिया जाना चाहिए। ये इस भूमिका में खरे भी उतरेंगे।
मयंक ने जिस तरह से मेलबर्न में नाथन लॉएन को आक्रमण कर खेला उसने दूसरे बल्लेबाजों को दिखाया कि इस स्पिनर को कैसे खेला जा सकता है। उसने बहुत ज्यादा प्रभावित किया है।

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