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रिंकू सिंह की कहानी: पोछा लगाने तक की नौकरी मिली, फिर क्रिकेट को बनाया जुनून, आईपीएल खेलने वाले अलीगढ़ के पहले क्रिकेटर
Tue, 03 May 2022 04:20 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 03 May 2022 04:20 PM IST
सार
रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके इस स्टेज तक पहुंचने की कहानी परेशानियों से भरी रही है। पांच बेटों में से एक रिंकू को स्कूल के समय से ही क्रिकेट काफी पसंद था और वह खाली समय में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते थे। इसमें उन्हें मजा आने लगा।
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रिंकू सिंह की कहानी
- फोटो : IPL/BCCI
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राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ कोलकाता नाइट राइडर्स के रिंकू सिंह ने 23 गेंदों पर 42 रन की नाबाद पारी खेली और टीम को जिताने में अहम भूमिका निभाई। जिस वक्त रिंकू मैदान पर उतरे थे, उस वक्त केकेआर ने 12.5 ओवर में 92 रन के स्कोर पर तीन विकेट गंवा दिए थे। तब कोलकाता को 43 गेंदों पर 61 रन की जरूरत थी। दूसरे छोर पर नीतीश राणा मौजूद थे।
राजस्थान के खिलाफ बल्लेबाजी करते रिंकू सिंह
- फोटो : IPL/BCCI
नीतीश ने रिंकू का बखूबी साथ निभाया
नीतीश ने रिंकू का बखूबी साथ निभाया और लक्ष्य हासिल करने तक एक भी विकेट नहीं गिरने दिया। रिंकू ने मैच में कई अनऑर्थोडॉक्स शॉट भी लगाए, चाहे वह कुलदीप सेन की गेंद पर पैडल फ्लिक हो या युजवेंद्र चहल की गेंद पर जबरदस्त स्विप। उनकी पारी ने कमेंटेटर और पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर को भी अपना फैन बना लिया।रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं और उनके इस स्टेज तक पहुंचने की कहानी काफी परेशानियों और दुख से भरी रही है। रिंकू के पिता अलीगढ़ में एक गैस वेंडर हैं। पांच बेटों में से एक रिंकू को स्कूल के समय से ही क्रिकेट काफी पसंद था और वह खाली समय में दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते थे। इसमें उन्हें मजा आने लगा। इस बात का खुलासा रिंकू ने कोलकाता नाइट राइडर्स की वेबसाइट पर मौजूद एक वीडियो में किया।
रिंकू को बधाई देते साथी खिलाड़ी
- फोटो : IPL/BCCI
पिता नहीं चाहते थे कि क्रिकेटर बने रिंकू
रिंकू बताते हैं- मेरे पिताजी मुझे क्रिकेट खेलता हुआ नहीं देखना चाहते थे। वह नहीं चाहते थे मैं अपना समय क्रिकेट पर बर्बाद करूं। कभी-कभी जिद्द में मेरी पिटाई भी हो जाती थी। खेलकर जब मैं घर लौटता था तो पिताजी छड़ी लेकर तैनात रहते थे। हालांकि, मेरे भाइयों ने मेरा साथ दिया और मुझे क्रिकेट खेलने के लिए कहता था। मेरे पास तब गेंद खरीदने के लिए पैसे नहीं थे। कुछ लोगों ने इसमें भी मेरी मदद की।VIDEO: हाथ पर '50 नॉट आउट' लिख कर मैदान में क्यों उतरे थे रिंकू सिंह? नीतीश को बताई पूरी कहानी, जानें
इसके बाद रिंकू घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट्स खेलने लगे। एक बार उन्हें इनाम में एक मोटरसाइकिल मिली और इसे रिंकू ने अपने पिता को गिफ्ट में दे दी। दरअसल, 2012 में रिंकू के स्कूल वालों ने एक वर्ल्ड कप कराया, जिसमें पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें खेलने आईं। इस टूर्नामेंट में रिंकू ने 354 रन बनाए थे और आठ विकेट झटके थे। इसके लिए उन्हें मैन ऑफ द सीरीज अवॉर्ड मिला था और एक मोटरसाइकिल मिली थी।
उस दिन रिंकू के माता-पिता मैदान पर ही मौजूद थे। उस दिन से पहले तक रिंकू जब भी क्रिकेट खेलते थे तो उनके पिता उन्हें पीटते थे, लेकिन उस मैच के बाद पिता ने कभी रिंकू को हाथ तक नहीं लगाया। इन सब के बावजूद रिंकू का परिवार आर्थिक परेशानियों से जूझ रहा था। साथ ही रिंकू को क्रिकेट जारी रखने के लिए पैसे की जरूरत थी।
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रिंकू सिंह प्लेयर ऑफ द मैच बने
- फोटो : IPL/BCCI
कोचिंग सेंटर में पोछा लगाने की नौकरी मिली
रिंकू बताते हैं- मुझे एक कोचिंग सेंटर में पोछा लगाने की नौकरी मिली। कोचिंग सेंटर वालों ने कहा कि सुबह-सुबह आकर पोछा लगाकर जाया करो। मेरे भाई ने ही मुझे यह नौकरी दिलाई थी। मैं ये नौकरी नहीं कर पाया और नौकरी छोड़ दी। मैं पढ़ भी नहीं पा रहा था, तो लगा कि अब क्रिकेट पर पूरा ध्यान लगाना चाहिए। मैंने सोच लिया कि क्रिकेट ही मुझे अब आगे ले जा सकता है और मेरे पास कोई दूसरा ऑप्शन नहीं है।IPL 2022: अमूल भी बना हैदराबाद के तूफानी गेंदबाज उमरान मलिक का फैन, दिया ये दिलचस्प रिएक्शन
रिंकू सिंह बताते हैं कि उन्हें जीवन में तीन खास लोगों का मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा- मुझे शुरुआत में ये नहीं पता था कि मैं अंडर-16 टीम में कैसे जाऊंगा। उसके ट्रायल का भी कोई अंदाजा नहीं था कि उसमें क्या करना है। दो बार तो मैं पहले ही राउंड में बाहर निकाला जा चुका था। ऐसे में अलीगढ़ के ही मोहम्मद जीशान मेरी मदद के लिए सामने आए। मसूद अमीन भी मेरे लिए खास हैं। शुरुआती कुछ दिनों में मैंने उनसे ही कोचिंग ली थी। वह आज भी मेरे कोच हैं।
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नीतीश राणा के साथ सेल्फी लेते रिंकू सिंह
- फोटो : IPL/BCCI
रिंकू को इन तीन लोगों का मार्गदर्शन मिला
रिंकू ने बताया कि मसूद अमीन और मोहम्मद जीशान ने मेरी काफी मदद की। उनका मार्गदर्शन मेरे लिए अहम रहा। इसके अलावा शाहरुख खान ने मेरी काफी मदद की। 2017 में रिंकू को पंजाब किंग्स ने पहली बार खरीदा था। तब वह 10 लाख रुपये में बिके थे। हालांकि, यह शाहरुख की कोलकाता नाइट राइडर्स टीम थी, जिसने 2018 में रिंकू को बड़ा स्टेज दिया।उन्हें केकेआर फ्रेंचाइजी ने तब 80 लाख रुपये में खरीदा था। रिंकू बताते हैं- अलीगढ़ से निकलकर आईपीएल खेलने वाला मैं पहला खिलाड़ी बना। इसमें खेलने से इतने पैसे मिले कि घर परिवार में किसी ने उतने पैसे नहीं देखे थे। घर की सारी दिक्कतें दूर हो गईं। जमीन लेकर घर बनवाया और जो कर्जे थे वो चुका दिए।
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रिंकू 2016 से ही उत्तर प्रदेश की टीम से फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेल रहे हैं। इसमें वह पांच शतक और 16 अर्धशतक लगा चुके हैं। फर्स्ट क्लास क्रिकेट में रिंकू के नाम 2307 रन और लिस्ट-ए में 1414 रन हैं। हालांकि, राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ रिंकू की पारी ने उन्हें चर्चाओं में ला दिया है। रिंकू ने मैच के बाद बताया कि वह 2018 से आईपीएल खेल रहे हैं, लेकिन उन्हें कुछ बड़ा करने का मौका नहीं मिल पाया। राजस्थान के खिलाफ मिले मौके को वह गंवाना नहीं चाहते थे और उसका पूरी तरह फायदा उठाया।