{"_id":"6a7eda0f4ce6faae0b08e04e","slug":"ind-vs-sl-1st-test-playing-11-probables-galle-test-predicted-xi-india-vs-sri-lanka-test-full-details-2026-08-14","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"IND vs SL 1st Test Playing 11: श्रीलंका के खिलाफ क्या हो सकती है भारत की प्लेइंग-11? मिशन WTC फाइनल कल से शुरू","category":{"title":"Cricket","title_hn":"क्रिकेट","slug":"cricket"}}
IND vs SL 1st Test Playing 11: श्रीलंका के खिलाफ क्या हो सकती है भारत की प्लेइंग-11? मिशन WTC फाइनल कल से शुरू
Fri, 14 Aug 2026 02:34 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गॉल
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गॉल
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Fri, 14 Aug 2026 02:34 PM IST
सार
IND vs SL 1st Test Playing 11 Prediction and Stats: भारत और श्रीलंका के बीच पहला टेस्ट सितंबर 1982 में खेला गया था। चेन्नई में खेला गया यह मैच ड्रॉ रहा था। तब से लेकर अब तक दोनों टीमों के बीच कुल 46 टेस्ट खेले गए हैं। इसमें से भारत ने 47.8 प्रतिशत टेस्ट जीते हैं। यानी भारत के खाते में 22 जीत हैं। वहीं, श्रीलंका ने सात टेस्ट जीते हैं। दोनों टीमों के बीच 17 टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ पिछला टेस्ट चार साल पहले खेला था। मार्च 2022 में बंगलूरू में खेले गए उस मुकाबले में टीम इंडिया ने 238 रन से जीत हासिल की थी। दोनों टीमें इस प्रारूप में चार साल बाद आमने-सामने आएंगी।
विज्ञापन
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट
- फोटो : ANI/Twitter/PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज की शुरुआत 15 अगस्त से होने जा रही है। पहला टेस्ट शनिवार से गॉल में खेला जाएगा, जबकि दूसरे टेस्ट की शुरुआत 23 अगस्त से होगी और यह मैच कोलंबो में खेला जाएगा। गॉल टेस्ट की शुरुआत भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे होगी। पहले टेस्ट में भारतीय बल्लेबाजों की कड़ी परीक्षा होगी, क्योंकि गॉल का मैदान स्पिन के लिए जाना जाता है और हाल फिलहाल में भारतीय बल्लेबाजों को क्रिकेट के सबसे लंबे प्रारूप में स्पिन खेलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। स्पिन ट्रैक पर भारत अपने घर में न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ क्लीन स्वीप का सामना कर चुका है। ऐसे में टक्कर दिलचस्प रहने वाली है।
गंभीर और शुभमन गिल
- फोटो : IANS
गंभीर के लिए भी अहम सीरीज
साथ ही यह सीरीज कोच गौतम गंभीर के लिए भी अहम होगी। यह सीरीज लाल गेंद के प्रारूप में उनका भविष्य तय करने वाली हो सकती है। गंभीर के कार्यकाल में भारत सफेद गेंद (सीमित ओवरों का क्रिकेट) के क्रिकेट में लगभग अजेय टीम रहा है जिसका अंदाजा चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप में उसके खिताबी अभियान से लगाया जा सकता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट की तस्वीर काफी निराशाजनक है। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने भारत के डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलने की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया था। भारत को यहां से इस चक्र में नौ टेस्ट खेलने हैं और लगभग सभी जीतने हैं। ड्रॉ से काम नहीं चलेगा।
टेस्ट में अपने घर में लगातार मिली इन नाकामियों और इसके बाद गंभीर के सहयोगी स्टाफ के दो सहायक कोच तथा एक फील्डिंग कोच के जाने से गंभीर और टीम के लिए तत्काल नई ऊर्जा के संचार की जरूरत महसूस होने लगी है। इसका यह मतलब नहीं है कि अगर श्रीलंका में भारत जीत हासिल नहीं कर पाता है तो गंभीर को तुरंत हटा दिया जाएगा, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में आगे की रणनीति को लेकर सत्ता के गलियारों में निश्चित रूप से चर्चा तेज होगी।
साथ ही यह सीरीज कोच गौतम गंभीर के लिए भी अहम होगी। यह सीरीज लाल गेंद के प्रारूप में उनका भविष्य तय करने वाली हो सकती है। गंभीर के कार्यकाल में भारत सफेद गेंद (सीमित ओवरों का क्रिकेट) के क्रिकेट में लगभग अजेय टीम रहा है जिसका अंदाजा चैंपियंस ट्रॉफी, एशिया कप और टी20 विश्व कप में उसके खिताबी अभियान से लगाया जा सकता है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट की तस्वीर काफी निराशाजनक है। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हार ने भारत के डब्ल्यूटीसी फाइनल खेलने की उम्मीदों को तगड़ा झटका दिया था। भारत को यहां से इस चक्र में नौ टेस्ट खेलने हैं और लगभग सभी जीतने हैं। ड्रॉ से काम नहीं चलेगा।
टेस्ट में अपने घर में लगातार मिली इन नाकामियों और इसके बाद गंभीर के सहयोगी स्टाफ के दो सहायक कोच तथा एक फील्डिंग कोच के जाने से गंभीर और टीम के लिए तत्काल नई ऊर्जा के संचार की जरूरत महसूस होने लगी है। इसका यह मतलब नहीं है कि अगर श्रीलंका में भारत जीत हासिल नहीं कर पाता है तो गंभीर को तुरंत हटा दिया जाएगा, लेकिन लाल गेंद के क्रिकेट में आगे की रणनीति को लेकर सत्ता के गलियारों में निश्चित रूप से चर्चा तेज होगी।
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट
- फोटो : ANI/Twitter/PTI
गॉल में चुनौती नहीं आसान
हालांकि, गॉल में खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल करना किसी भी मेहमान टीम के लिए आसान काम नहीं है। अक्सर यहां पहुंचकर सपने टूटते रहे हैं। आंकड़े इसके गवाह हैं। श्रीलंका ने 1998 से यहां खेले गए 49 टेस्ट में से 27 में जीत दर्ज की है। उसकी इस बादशाहत में स्पिनरों की बड़ी भूमिका रही है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ के स्वर्णिम दौर से श्रीलंका काफी आगे निकल चुका है, लेकिन उसके पास अब भी प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे स्पिनर हैं, जिन्होंने गॉल को अपना किला बना रखा है।
स्पिनर के खिलाफ जूझता दिखे भारतीय
यह स्थिति मौजूदा भारतीय टीम के लिए अनुकूल नहीं है जिसके बल्लेबाज हाल के समय में मिचेल सैंटनर और साइमन हार्मर जैसे स्पिनरों के खिलाफ बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए हैं। हालांकि, मौजूदा टीम में उस भारतीय टीम की झलक दिखती है जो 2017 में पिछली बार टेस्ट सीरीज खेलने श्रीलंका आई थी। विराट कोहली की अगुआई वाली उस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जो अपने करियर के मध्य चरण में थे। भारत ने उस दौरे पर 3-0 से सीरीज जीती थी जिसमें गॉल में मिली जीत भी शामिल थी। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के दबदबे का दौर शुरू हुआ था।
हालांकि, गॉल में खोई प्रतिष्ठा वापस हासिल करना किसी भी मेहमान टीम के लिए आसान काम नहीं है। अक्सर यहां पहुंचकर सपने टूटते रहे हैं। आंकड़े इसके गवाह हैं। श्रीलंका ने 1998 से यहां खेले गए 49 टेस्ट में से 27 में जीत दर्ज की है। उसकी इस बादशाहत में स्पिनरों की बड़ी भूमिका रही है। मुथैया मुरलीधरन और रंगना हेराथ के स्वर्णिम दौर से श्रीलंका काफी आगे निकल चुका है, लेकिन उसके पास अब भी प्रभात जयसूर्या और रमेश मेंडिस जैसे स्पिनर हैं, जिन्होंने गॉल को अपना किला बना रखा है।
स्पिनर के खिलाफ जूझता दिखे भारतीय
यह स्थिति मौजूदा भारतीय टीम के लिए अनुकूल नहीं है जिसके बल्लेबाज हाल के समय में मिचेल सैंटनर और साइमन हार्मर जैसे स्पिनरों के खिलाफ बुरी तरह संघर्ष करते नजर आए हैं। हालांकि, मौजूदा टीम में उस भारतीय टीम की झलक दिखती है जो 2017 में पिछली बार टेस्ट सीरीज खेलने श्रीलंका आई थी। विराट कोहली की अगुआई वाली उस टीम में कई ऐसे खिलाड़ी थे जो अपने करियर के मध्य चरण में थे। भारत ने उस दौरे पर 3-0 से सीरीज जीती थी जिसमें गॉल में मिली जीत भी शामिल थी। इसके बाद टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम के दबदबे का दौर शुरू हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट
- फोटो : ANI/Twitter/PTI
वापसी का रास्ता देखना होगा
मौजूदा टीम भी युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में करियर के मध्य चरण में पहुंच चुके अनुभवी खिलाड़ियों और अपनी जगह पक्की करने को बेताब युवा खिलाड़ियों से भरी है। उसे भी ऐसी ही एक चिंगारी की जरूरत है जो शीर्ष पर वापसी के उसके सफर को गति दे सके। लेकिन इसके लिए भारत को स्पिन के इस जाल से निकलने के साथ-साथ कुछ खिलाड़ियों के खराब व्यक्तिगत दौर से बाहर निकलने की उम्मीद भी करनी होगी। खासकर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के लिए यह अहम समय है।
जुरेल और सरफराज में किसे मौका?
इन दोनों का हालिया प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। मध्यक्रम के इन दोनों बल्लेबाजों के बल्ले से निकलने वाले रन और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस टेस्ट में बेहद महत्वपूर्ण होगा। अभ्यास मैच में अच्छी बल्लेबाजी नहीं करने के बावजूद जुरेल को सरफराज खान पर तरजीह मिल सकती है। भारत को शीर्ष तीन बल्लेबाजों केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और देवदत्त पडिक्कल से भी बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। हालांकि गिल टीम की बल्लेबाजी के केंद्र में होंगे। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद पडिक्कल ने नंबर-तीन पर अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। उन्होंने अभ्यास मैच में भी शतक जड़ा था। गॉल में अच्छी पारी खेल पडिक्कल के पास नंबर तीन पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का सुनहरा मौका है।
मौजूदा टीम भी युवा कप्तान शुभमन गिल की अगुआई में करियर के मध्य चरण में पहुंच चुके अनुभवी खिलाड़ियों और अपनी जगह पक्की करने को बेताब युवा खिलाड़ियों से भरी है। उसे भी ऐसी ही एक चिंगारी की जरूरत है जो शीर्ष पर वापसी के उसके सफर को गति दे सके। लेकिन इसके लिए भारत को स्पिन के इस जाल से निकलने के साथ-साथ कुछ खिलाड़ियों के खराब व्यक्तिगत दौर से बाहर निकलने की उम्मीद भी करनी होगी। खासकर ऋषभ पंत और ध्रुव जुरेल के लिए यह अहम समय है।
जुरेल और सरफराज में किसे मौका?
इन दोनों का हालिया प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा है। मध्यक्रम के इन दोनों बल्लेबाजों के बल्ले से निकलने वाले रन और श्रीलंकाई स्पिनरों के खिलाफ उनका प्रदर्शन इस टेस्ट में बेहद महत्वपूर्ण होगा। अभ्यास मैच में अच्छी बल्लेबाजी नहीं करने के बावजूद जुरेल को सरफराज खान पर तरजीह मिल सकती है। भारत को शीर्ष तीन बल्लेबाजों केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल और देवदत्त पडिक्कल से भी बड़ी पारियों की उम्मीद होगी। हालांकि गिल टीम की बल्लेबाजी के केंद्र में होंगे। साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद पडिक्कल ने नंबर-तीन पर अपनी जगह लगभग पक्की कर ली है। उन्होंने अभ्यास मैच में भी शतक जड़ा था। गॉल में अच्छी पारी खेल पडिक्कल के पास नंबर तीन पर अपनी दावेदारी मजबूत करने का सुनहरा मौका है।
विज्ञापन
बाएं से- जडेजा, कुलदीप, सुथार और सारांश
- फोटो : BCCI Twitter
तीन स्पिनर्स के साथ उतरेगी टीम इंडिया?
भारतीय गेंदबाजों के लिए भी श्रीलंकाई पिचों पर अपनी लय हासिल करना उतना ही महत्वपूर्ण होगा। मेहमान टीम के यहां बाएं हाथ के तीन स्पिनरों कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा के साथ उतरने की उम्मीद है और इन सभी को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी। गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि तीन बाएं हाथ के स्पिनर सही संयोजन साबित हो सकता है। गॉल की पिच के बेहद मुश्किल होने की उम्मीद नहीं है। मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें स्वाभाविक टूट-फूट आने की संभावना है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए अपनी क्षमता पर भरोसा रखते हुए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण होगा।
प्रसिद्ध या गुरनूर, किसे मिलेगा मौका?
यहां स्पिनर गेंदबाजी का अधिकांश भार संभालेंगे, लेकिन मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उनके साथ संभावित रूप से खेलने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अपने छोर को नियंत्रण में रखना होगा और जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण सफलताएं दिलानी होंगी। हालांकि, गुरनूर बराड़ ने भी हाल फिलहाल में व्हाइट बॉल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। रविचंद्रन अश्विन ने तो गुरनूर को प्रसिद्ध पर तरजीह दी, लेकिन प्रसिद्ध के अनुभव की वजह से उन्हें तरजीह मिल सकती है। हालांकि, कप्तान शुभमन गिल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैच के दिन इस पर फैसला लेने की बात कही।
भारतीय गेंदबाजों के लिए भी श्रीलंकाई पिचों पर अपनी लय हासिल करना उतना ही महत्वपूर्ण होगा। मेहमान टीम के यहां बाएं हाथ के तीन स्पिनरों कुलदीप यादव, मानव सुथार और रवींद्र जडेजा के साथ उतरने की उम्मीद है और इन सभी को सही लाइन और लेंथ के साथ गेंदबाजी करनी होगी। गेंदबाजी कोच मोर्ने मॉर्कल ने गुरुवार को इसके संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि तीन बाएं हाथ के स्पिनर सही संयोजन साबित हो सकता है। गॉल की पिच के बेहद मुश्किल होने की उम्मीद नहीं है। मैच आगे बढ़ने के साथ इसमें स्वाभाविक टूट-फूट आने की संभावना है। ऐसे में गेंदबाजों के लिए अपनी क्षमता पर भरोसा रखते हुए सही लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी करना महत्वपूर्ण होगा।
प्रसिद्ध या गुरनूर, किसे मिलेगा मौका?
यहां स्पिनर गेंदबाजी का अधिकांश भार संभालेंगे, लेकिन मुख्य तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और उनके साथ संभावित रूप से खेलने वाले प्रसिद्ध कृष्णा को अपने छोर को नियंत्रण में रखना होगा और जरूरत पड़ने पर महत्वपूर्ण सफलताएं दिलानी होंगी। हालांकि, गुरनूर बराड़ ने भी हाल फिलहाल में व्हाइट बॉल क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। रविचंद्रन अश्विन ने तो गुरनूर को प्रसिद्ध पर तरजीह दी, लेकिन प्रसिद्ध के अनुभव की वजह से उन्हें तरजीह मिल सकती है। हालांकि, कप्तान शुभमन गिल ने अभी पत्ते नहीं खोले हैं। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मैच के दिन इस पर फैसला लेने की बात कही।