क्या बेन स्टोक्स जैसा ऑलराउंडर फिर मिलेगा?: संन्यास पर जो रूट और युवराज हुए भावुक, कहीं दिल छू लेने वाली बातें
बेन स्टोक्स ने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया। उनकी विदाई पर जो रूट और युवराज सिंह ने भावुक संदेश देते हुए उन्हें दबाव में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला महान मैच विनर बताया। स्टोक्स ने इंग्लैंड को दो विश्व कप जिताए, 'बैजबॉल' की शुरुआत की और आधुनिक क्रिकेट के महान ऑलराउंडरों में अपनी जगह बनाई।
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बेन स्टोक्स के लंबे समय तक साथी रहे जो रूट ने कहा कि उन्होंने अपने करियर में स्टोक्स जैसा दबाव में खेलने वाला खिलाड़ी बहुत कम देखा है। रूट ने कहा, 'हम दोनों ने साथ में बहुत कुछ देखा है, लेकिन आपकी एक बात का मैं हमेशा सम्मान करता हूं कि चाहे जिंदगी में कुछ भी हुआ हो, आपने हमेशा उसकी जिम्मेदारी ली। एक पुरानी कहावत है कि हीरे सिर्फ दबाव में ही बनते हैं। जब-जब मैच संतुलन पर रहा, तुमने टीम के लिए ऐसे पल बनाए, जिन्हें बहुत कम खिलाड़ी बना पाते हैं। आपका करियर हमेशा उन यादगार लम्हों के लिए याद किया जाएगा।'
जो रूट ने 2019 एशेज में हेडिंग्ले टेस्ट में स्टोक्स की नाबाद 135 रन की ऐतिहासिक पारी को याद करते हुए कहा कि उन्होंने टेस्ट क्रिकेट की कई पीढ़ियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा, 'आपने हर फॉर्मेट में इस टीम के लिए अनगिनत यादगार पल दिए हैं। आने वाली कई पीढ़ियां आपकी उपलब्धियों से प्रेरणा लेंगी। हम सभी खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि हमें आपके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिला। चाहे विश्व कप जीतना हो, एशेज जीतना हो या 2019 में हेडिंग्ले की वह अविश्वसनीय पारी, आपने हमेशा कुछ खास किया।'
रूट ने भावुक अंदाज में आगे कहा, 'आपने इस ड्रेसिंग रूम के ज्यादातर खिलाड़ियों को प्रेरित किया है। आपके साथ खेलना मेरे लिए शानदार सफर रहा। मुझे उम्मीद है कि एक दिन जब हम सभी पुराने खिलाड़ी बन जाएंगे, तब बैठकर साथ में इन यादों को ताजा करेंगे।'
भारत के पूर्व ऑलराउंडर युवराज सिंह ने भी सोशल मीडिया पर स्टोक्स के नाम भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि महान खिलाड़ी वही होता है, जो हर मुश्किल से उठकर फिर खड़ा हो जाए। युवराज ने लिखा, 'विश्व कप फाइनल की वह पारी, जिसे देखने वाला कभी नहीं भूल सकता। हेडिंग्ले में 135 रन की वह पारी, जिसने क्रिकेट की परिभाषा बदल दी। मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करने का साहस, अपने पिता को खोने का दर्द और हर बार मजबूती से वापसी करना। यही आपकी सबसे बड़ी पहचान है।'
उन्होंने आगे लिखा, 'मैं जानता हूं कि एक दिन दुनिया की चोटी पर होना और अगले ही दिन जिंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजरना कैसा महसूस होता है। मैंने आपके अंदर भी वही सफर देखा। यही बात अच्छे खिलाड़ियों और महान खिलाड़ियों के बीच फर्क पैदा करती है। रिकॉर्ड और ट्रॉफियां नहीं, बल्कि हर बार गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत इंसान को महान बनाती है।'
A World Cup final innings that nobody who watched it will ever forget. A 135 not out at Headingley that rewrote what was possible. The courage to speak openly about mental health when most wouldn’t. Losing his father. And coming back every single time.
— Yuvraj Singh (@YUVSTRONG12) June 29, 2026
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