जब यहां स्कूल में आप की अदालत लगी तो कटघरे में सेना के अफसर आ गए। तो पढ़िए छात्रों ने उनसे क्या पूछे...
जब स्कूल में लगी 'आप की अदालत', तो पढ़िए छात्रों ने अफसरों से पूछे क्या सवाल
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वेल्हम ब्वायज स्कूल में चल रहे दो दिवसीय मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार का शनिवार को समापन हो गया। अंतिम दिन आप की अदालत जैसी गतिविधियां आकर्षण का केंद्र रही। इसमें कटघरे में बैठे रिटायर्ड फौजी अफसरों से छात्रों ने सेना के इतिहास और वर्तमान परिपेक्ष्य पर सवाल पूछे। इन सवालों का विशेषज्ञों ने बाखूबी जवाब दिया।
शनिवार को मिलिट्री हिस्ट्री सेमिनार के अंतिम दिन की शुरुआत परमवीर चक्र विजेता ऑनरेरी कैप्टन बाना सिंह(रिट.) के अनुभव साझा करने से हुई। उन्होंने बताया कि कैसे सियाचिन ग्लेशियर को उन्होंने पाकिस्तान के कब्जे से मुक्त कराया था। कैप्टन बाना सिंह की चार मुलाकात पाकिस्तान से युद्ध भूमि में ही हुई। उनकी बहादुरी को देखते हुए, सियाचिन की जो चौकी उन्होंने फतह की थी, उसका नाम बाना पोस्ट रख दिया गया। बाना सिंह को इसी पराक्रम के लिए परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि हालात कैसे भी हों, देश सबसे ऊपर है। आज भी उन्हें मौका मिले तो वह सीमा पर डटने को मानसिक तौर पर तैयार रहते हैं। उन्होंने स्कूली छात्रों से आह्वान किया कि वह भी देश सेवा को सर्वोपरि रखें। देश से बढ़कर कुछ नहीं है। उन्होंने अपने अंदाज में युवाओं के बीच जोश भर दिया। इसके बाद आप की अदालत का आयोजन किया गया। इसमें ले. जन. मोहिंदर पुरी(रिट.) और ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह(रिट.) कटघरे में आए। स्कूली छात्रों ने सेना के इतिहास को लेकर कई सवाल पूछे।
उन्होंने यह भी सवाल पूछा कि क्या सेना में ब्यूरोक्रेसी का हस्तक्षेप ज्यादा बढ़ गया है। इस पर जन. मोहिंदर पुरी ने नकार दिया। उन्होंने कहा कि सेना का अपना अनुशासन है। सेना उसी से चलती है। ब्रिगेडियर देवेंद्र सिंह ने भी कई सवालों के जवाब दिए। कार्यक्रम में जज के रूप में विद्यालय के प्रबंध समिति के सदस्य लेफ्टीनेंट जनरल भारद्वाज ने निभाई। इसके बाद मध्याह्न काल में भारत-चीन संबंधों को लेकर कोमोडोर सी उदय भास्कर(रिट.) ने जानकारी दी।