बागपत जेल में मुन्ना बजरंगी की हत्या में जिस सुनील राठी का नाम सामने आ रहा है। राठी ने 21 साल की उम्र से ही हथियार उठा लिए थे। बागपत जिला कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे कुख्यात अपराधी सुनील राठी ने 21 साल की उम्र से हत्या, लूट और रंगदारी की वारदातों को अंजाम दिया। वर्तमान समय में सुनील राठी की मां एवं पूर्व चेयरपर्सन राजबाला चौधरी भी रंगदारी के मामले में रुड़की जेल में बंद है। टीकरी कस्बा निवासी सुनील राठी के पिता एवं टीकरी के चेयरमैन नरेश राठी सहित तीन लोगों की 12 दिसंबर 1999 को चुनाव की रंजिश में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में दिल्ली पुलिस के बर्खास्त सिपाही रणवीर राठी का नाम सामने आया था। रणवीर राठी वही शख्स था, जिसने फूलन देवी के हत्यारोपी शेर सिंह राणा को तिहाड़ जेल से फरार कराया था।
यूपी माफिया मुन्ना बजरंगी के कुख्यात हत्यारे सुनील राठी के बारे में जानिए ये 10 बातें...
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इसके बाद उसकी मां राजबाला चौधरी ने वर्ष 2000 नगर पंचायत का चुनाव लड़ा। उनके सामने टीकरी के चेयरमैन सोमपाल राठी के भाई महक सिंह खड़े थे। 21 जून 2000 में सुनील राठी ने अपने साथियों के साथ मिलकर महक सिंह और उसके भाई मोहकम सिंह की हत्या कर दी। इस डबल मर्डर में सुनील राठी आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। 18 अगस्त 2000 में सुनील राठी ने दिल्ली में शोरूम लूटा था। विरोध करने पर तीन लोगों की गोली मारकर हत्या की। इसके बाद से वह जुर्म की दुनिया में धंसता चला गया।
उत्तराखंड, दिल्ली, यूपी समेत अन्य राज्यों में भी उसने अपना आपराधिक नेटवर्क खड़ा किया। लेकिन वर्ष 2000 में पुलिस ने उसे हरिद्वार के कनखल की शिवपुरी कॉलोनी से गिरफ्तार कर लिया। उसने जेल के अंदर से ही अपना गिरोह सक्रिय रखा। कई सालों तक रुड़की जेल में बंद रहा। जेल से भी वह अपना गैंग चलाता रहा। इसके बाद उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट किया। यहां पर भी वह अपराध करता रहा। यहां के बाद उसे बागपत जेल में भेजा। बागपत जेल से उसने रुड़की के चिकित्सक से रंगदारी मांगी। अब वह बागपत जेल से अपना गैंग चला रहा है। जेल में एक तरफा उसका ही राज चलता है। बागपत के भूरा फरारी कांड में भी सुनील राठी का नाम सामने आया और मुकदमा चल रहा है।
राठी के गुर्गों ने वर्ष 2011 में रुड़की जेल के बाहर डिप्टी जेलर नरेंद्र सिंह की हत्या की थी। इसके बाद सुपारी लेकर हत्या कराने में उसका नाम चलने लगा। वर्ष 2014 में रुड़की में जेल के बाहर विरोधी चीनू पंडित गैंग पर गोलीबारी करवा अपने वर्चस्व कायम किया। उसकी गैंग में कई शार्प शूटर हैं, जिनकी मदद से राठी जेल से अपना नेटवर्क ऑपरेट करता है। अब बागपत जेल में माफिया डॉन बजरंगी की हत्या से एक बार फिर सुर्खियों में आया है। वर्ष 2000 में पुलिस के हत्थे चढ़े सुनील राठी के कब्जे से तब हेंड ग्रेनेड (बम) बरामद हुआ था, ऐसे में राठी के तेवरों का अंदाजा साफ साफ लगाया जा सकता है। दो वर्ष पूर्व कनखल थाने की छत पर तब एक हेड ग्रेनेड मिला था, संभवत: वह वहीं था जो राठी से बरामद हुआ था। तब कनखल पुलिस ने बम निरोधक दस्ते ने उस बम को निष्क्रिय किया था।