पूरे देश में टोल बैरियर हटाने के साथ ही रोड सेफ्टी बिल में संशोधन, डीजल की कीमतों को कम करने समेत अन्य मांगों को लेकर ट्रक ऑपरेटर्स शुक्रवार से हड़ताल पर चले गए। दून समेत प्रदेश में करीब दो लाख ट्रकों के चक्के थम गए। जिसके चलते पहले दिन 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा। वहीं, उनके समर्थन में विक्रम, सिटी बस, ऑटो, मैजिक और स्कूल वैनों का भी संचालन ठप रहा। इसके कारण स्कूली बच्चों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके अलावा अन्य लोगों को भी परेशानी हुई। वहीं, ट्रक ऑपरेटर्स ने ट्रांसपोर्ट नगर व परेड ग्राउंड में ऑटो चालकों ने सरकार पुतला फूंक प्रदर्शन किया।
ट्रक ऑपरेटर्स हड़ताल: दिनभर पसरा रहा सन्नाटा, उत्तराखंड में 100 करोड़ का कारोबार प्रभावित
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आल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस और उत्तराखंड परिवहन महासंघ के आह्वान पर देहरादून ट्रक ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने भी देशव्यापी हड़ताल शुरू कर दी। अधिक ट्रक ट्रांसपोर्ट नगर में खड़े हो गए। इसके बाद ट्रांसपोर्टरों ने प्रदेश सरकार का पुतला फूंक प्रदर्शन किया। उत्तराखंड परिवहन महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दलजीत सिंह मान ने कहा कि हड़ताल से प्रदेश में छोटे-बड़े ट्रकों का संचालन ठप रहा। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी योजना समाप्त करने के साथ ही ट्रांसपोर्ट कारोबार पर टीडीएस समाप्त करने, तृतीय पक्ष बीमा प्रीमियम निर्धारण में पारदर्शिता, जीएसटी में छूट, ई वे बिल से जुड़ी व्यावसायिक समस्याओं को देखते हुए नियमों में संशोधन करने, बसों और पर्यटक वाहनों को नेशनल परमिट देने जैसी मांगों को लेकर यह हड़ताल की जा रही है।
एसोसिएशन के महामंत्री अशोक ग्रोवर ने कहा कि आने वाले दिनों में अगर मांग पूरी नहीं की गई तो दूध, गैस, पानी आदि सेवाएं देने वाले वाहनों को भी हड़ताल में शामिल किया जाएगा। इस मौके पर संगठन के प्रधान हरभजन सिंह मान, महामंत्री अशोक ग्रोवर, वरिष्ठ प्रधान गुलजार सिंह, उप प्रधान गुरबख्श सिंह, उप सचिव नवनीत ओबराय, कोषाध्यक्ष राजकुमार नागपाल, उप कोषाध्यक्ष दलबीर सिंह कलेर, दून कैरीइंग के दीपक अग्रवाल, वरिष्ठ मंत्री अजय कथूरिया, संगठन मंत्री दिलावर सिंह, राजेंद्र धवन, सिटी बस महासंघ के विजयवर्धन डंडरियाल, ऑटो यूनियन अध्यक्ष पंकज अरोड़ा आदि मौजूद रहे।