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Chamoli: ल्वाणी गांव में गहरी हो रहीं 50 मकानों में पड़ी दरारें, सड़क धंसने से खतरे की जद में आए, तस्वीरें
संवाद न्यूज एजेंसी, देवाल (चमोली)।
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 22 Aug 2025 08:50 AM IST
सार
ल्वाणी गांव में 50 मकानों में पड़ी दरारें गहरी होती जा रही हैं। भू-वैज्ञानिकों की टीम गांव के सर्वे के लिए यहां पहुंच गई है। श्री नंदा राजजात देवाल की लोहाजंग वाण सड़क भू-धंसाव के कारण करीब 80 मीटर तक धंस गई है।
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मकान पर पड़ी दरारें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विकासखंड से लोहाजंग वाण को जोड़ने वाली सड़क ल्वाणी के पास धंसने से 12 दिनों से बंद पड़ी है। सड़क धंसने से यहां 50 मकानों में दरारें हैं जो गहरी होती जा रही हैं। बृहस्पतिवार को विधायक भूपाल राम टम्टा, एसडीएम और लोनिवि के अधिकारियों ने सड़क का निरीक्षण किया। विधायक ने लोनिवि से सड़क के ऊपर व नीचे सुरक्षा दीवार बनाने और जल्द सड़क खोलने के लिए कहा।
ग्रामीणों ने भू-धंसाव क्षेत्र में दीवार लगाने के बाद ही सड़क खोलने का काम शुरू करने की मांग की। वहीं प्रशासन की पहल पर बृहस्पतिवार शाम को भू-वैज्ञानिकों की टीम गांव के सर्वे के लिए यहां पहुंच गई है। श्री नंदा राजजात देवाल की लोहाजंग वाण सड़क भू-धंसाव के कारण करीब 80 मीटर तक धंस गई है। सड़क धंसने से गांव के 50 मकानों में दरारें हैं जो गहरी होती जा रही हैं।
सड़क बंद होने से क्षेत्र के आठ ग्राम पंचायतों में राशन, सब्जी आदि जरूरी सामान की किल्लत होने लगी है। बृहस्पतिवार को विधायक भूपाल राम टम्टा, एसडीएम पंकज भट्ट, ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत व लोनिवि के अधिकारी ल्वाणी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि 2024 में भी इसी स्थान पर सड़क धंसी थी लेकिन इस क्षेत्र का ट्रीटमेंट नहीं किया गया।
अब 50 मकानों में दरारें गहरी होती जा रही हैं। विधायक भूपाल राम टम्टा ने एसडीएम से सभी घरों की जांच करने के निर्देश दिए है। इस मौके पर ग्राम प्रधान मीना देवी, ज्येष्ठ उप प्रमुख दीपक गड़िया, पूर्व प्रमुख नंदा देवी, भाजपा मंडल अध्यक्ष उमेश मिश्रा, नरेंद्र बिष्ट, रमेश गड़िया, गंगा सिंह, लखन रावत, कृष्णा सिंह, कृष्णा बिष्ट, जितेंद्र बिष्ट और धर्मेंद्र बिष्ट मौजूद रहे।
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मकान पर पड़ी दरारें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक दशक से भूस्खलन की जद में है ल्वाणी गांव
विकासखंड का ल्वाणी गांव एक दशक से भूस्खलन की चपेट में है। ग्रामीणों की ओर से कई बार शासन-प्रशासन से गांव के नीचे घट गदेरे में भू-कटाव को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार बनाने का प्रस्ताव शासन-प्रशासन को भेजा गया है। अगस्त 2024 में सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने भी भू-धंसाव क्षेत्र की जांच की थी।
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मकान पर पड़ी दरारें
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कई घर रहने लायक नहीं बचे
जांच के बाद सिंचाई विभाग ने यहां सुरक्षा दीवार बनाने का आश्वासन दिया था लेकिन एक साल बाद भी भू-धंसाव रोकने के लिए कोई प्रयास नहीं हो पाया। वहीं ल्वाणी गांव के निवासी जिला पंचायत सदस्य उर्मिला बिष्ट ने बताया कि पूरा गांव धंस रहा है। कई घर रहने लायक नहीं बचे हैं। घरों के आंगन और पीछे दरारें हैं। लोग दहशत में हैं।
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देवाल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घरों के आंगन व आगे पीछे भी दरारें दिख रही
ल्वाणी गांव में करीब सभी घर भू-धंसाव की चपेट में है। हर घर में दरार है। घरों के आसपास की जमीन भी धंस रही है। घरों के आंगन व आगे पीछे भी दरारें दिख रही हैं। भू-वैज्ञानिक यहां पहुंच गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ट्रीटमेंट की संभावना नहीं होने पर विस्थापन की कार्रवाई की जाएगी। - पंकज भट्ट, एसडीएम थराली।
लगातार बारिश से दो दिन पहले पिंडर नदी का पानी और गाद सरस्वती शिशु मंदिर के मैदान और बेतालेश्वर मंदिर में घुस गई थी जिसे बृहस्पतिवार को भी नहीं हटाया जा सका। लोगों गाद को निकालने में जुटे हैं। वहीं मलबे से बेतालेश्वर मंदिर की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। अभिभावक राकेश चंद्र देवराड़ी, प्रबंधक गंगा सिंह बिष्ट, गीता देवी आदि ने बताया कि कमरों में गाद आने के कारण विद्यालय में दो दिन तक तो छुट्टी कर दी गई अब बृहस्पतिवार को भी पढ़ाई नहीं हो सकी। उन्होंने नदी किनारे आरसीसी दीवार के निर्माण की मांग की। पूर्व व्यापार संघ अध्यक्ष प्रेम बुटोला ने कहा कि यदि समय पर पिंउर नदी की गाद हटा दी जाती तो नदी का तल ऊंचा नहीं होता और इन स्थानों पर पानी नहीं भरता।
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