फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यहां तीन साल में आ चुके इतने भूकंप कि अब बढ़ रही वैज्ञानिकों की चिंता, मिल रहे बड़े खतरे के संकेत

Thu, 24 May 2018 04:31 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 24 May 2018 04:31 PM IST
विज्ञापन
Earthquake in uttarakhand give big tension to scientists
earthquake - फोटो : Indilinks

भूकंप को लेकर अब वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ती जा रही है। लगातार सामने आ रहे आंकड़ों को देखते हुए वैज्ञानिक ही नहीं सरकार भी परेशान हो रही है।


 

Earthquake in uttarakhand give big tension to scientists
kk paul

राज्यपाल डॉ.कृष्णकांत पाल ने कहा कि राज्य में कम तीव्रता के लगातार आने वाले भूकंप चिंता का विषय हैं। प्रदेश में तीन साल में 52 बार हल्के भूकंप आए हैं, यह भूकंप खासतौर पर चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ जिले में आएहैं। इन भूकंप से कोई नुकसान नहीं हुआ है, जिससे संतुष्ट होने की जरूरत नहीं है बल्कि हिमालय के अंदर क्या चल रहा है, उसे गहनता से जानने की जरूरत है। इसके लेकर वैज्ञानिक भी चिंतित हैं।

Earthquake in uttarakhand give big tension to scientists
भूकंप - फोटो : self

राज्यपाल डॉ.पाल ने यह चिंता वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान में हिमालयी संदर्भ में ‘पृथ्वी प्रणाली विज्ञान में प्रगति और चुनौतियां’ विषय पर शुरू हुए राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र के दौरान व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जलसंरक्षण को लेकर और प्रयास करने की जरूरत है। खेती में ऐसी तकनीक का इस्तेमाल करना होगा, जिसमें कम पानी का इस्तेमाल कर ज्यादा उत्पादन प्राप्त किया जा सके। डॉ.पाल ने कहा कि ग्लेशियरों का पिघलना और नदियों का प्रदूषण भी चिंता का विषय है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Earthquake in uttarakhand give big tension to scientists
earthquake

विशिष्ट अतिथि जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि शोध संस्थान केवल रिसर्च कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेते हैं, लेकिन उनको देखना होगा कि शोध कार्यों से जनता को कितना लाभ हुआ है। तमाम शोध संस्थानों के कार्यों के बाद भी देश में 10 गुना सूखा और आठ गुना बाढ़ की घटनाओं का बढ़ जाना चिंताजनक है। शोध को लाभ के लिए नहीं बल्कि ‘शुभ’ के भाव से करने की जरूरत है।

विज्ञापन
Earthquake in uttarakhand give big tension to scientists
- फोटो : News Letter

कार्यक्रम में कार्यवाहक निदेशक डॉ.मीरा तिवारी ने मुख्य और विशिष्ट अतिथि को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथि ने कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया। डॉ.प्रदीप श्रीवास्तव ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। द्वितीय सत्र में तकनीकी सत्र प्रारंभ हुआ। इस दौरान विभिन्न रिसर्च पेपरों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में डॉ.पीएस नेगी, डॉ.राजेश शर्मा समेत कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed