भारत में एक जगह ऐसी है कि जो कोई मंदिर या मस्जिद नहीं है, लेकिन इस दरबार के प्रति लोगों की आस्था ऐसी है कि अगले सौ साल तक के लिए यहां बुकिंग हो चुकी है।
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इस 'दरबार' में फरियाद लेकर विदेशों से भी आते हैं श्रद्धालु, मान्यता ऐसी कि 2116 तक हो चुकी बुकिंग
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 03 Mar 2018 07:59 AM IST
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darbar singh
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- फोटो : amar ujala
जी हां, यह जगह है उत्तराखंड के देहरादून में स्थित दरबार साहिब। यहां हर साल आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ता है कि देखने वालों को भी आंखों पर यकीन नहीं होता।
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इस दरबार साहिब की स्थापना श्री गुरु राम राय जी ने की थी। औरंगजेब गुरु राम राय के काफी करीबी माने जाते थे। औरंगजेब ने ही महाराज को हिंदू पीर की उपाधि दी थी।
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गुरू राम राय जी ने देहरादून में आकर डेरा डाला था। तब इसे डेरा दून कहा जाता था। लेकिन बाद मे अब यह देहरादून के नाम से विश्व विख्यात हुआ। इसी जगह पर यहां दरबार साहिब बनाया गया और यहां झंडे की स्थापना की की गई।
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तब से आज तक यहां फाल्गुन मास की पंचमी तिथि तिथि को झंडे मेले का आयोजन होता है। साथ ही झंडे जी का आरोहण किया जाता है। इस मेले में भारत से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी श्रद्धालु अपनी मुराद लेकर आते हैं। इस बार दून के प्रसिद्ध झंडा मेला का आगाज छह मार्च को होगा।