राजधानी में गणेश चतुर्थी पर भक्तों ने लालबाग के बादशाह का स्वागत धूमधाम और हर्षोल्लास से किया। बृहस्पतिवार से शुरू हुए गणेश महोत्सव के लिए शहर में विभिन्न स्थानों पर सजाए गए पंडालों में भगवान गजानन की मूर्ति स्थापित की गईं और पूजा-अर्चना की गई। इस मौके पर शहर में कई जगह शोभायात्राएं निकाली गईं। ढोल नगाड़ों के साथ भगवान गणेश को पंडालों तक पहुंचाया। गणपति बप्पा के जयकारों से पांडाल गूंज उठे। शोभायात्राओं में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। वहीं घरों में भी भागवान गणेश विराजे गए।
गणपति बप्पा के जयकारों से गूंज उठी द्रोणनगरी, धूमधाम से किया लालबाग के बादशाह का स्वागत, तस्वीरें...
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गढ़ी कैंट में श्री सिद्धि विनायक सेवा समिति की ओर से भगवान गणेश मूर्ति स्थापित की। इससे पहले गुरु योगी बिपिन जोशी ने पूजा-अर्चना कराई। समिति के अध्यक्ष मूर्तिकार और चित्रकार आजीव विजय ने मूर्ति को स्वयं बनाया है। समिति की ओर से रविवार को चित्रकारी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। समिति के संरक्षक आचार्य विपिन जोशी ने बताया कि बच्चों के नैतिक और चारित्रिक विकास के लिए चित्रकला प्रतियोगिता के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। सायं काल में विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। साथ ही आशियाना जागरण पार्टी की ओर से नृत्य भजन कीर्तन के साथ शनिवार को सुंदरकांड पाठ किया जाएगा। इस मौके पर अर्चना पंडित, संजय जोशी, डॉ मथुरा दत्त जोशी, पंडित राजकुमार ममगाईं, सुधा विजय, राजीव विजय, नीलम विजय, गीता जोशी आदि मौजूद रहे।
ट्रांसपोर्ट नगर स्थित उत्तरांचल कॉलेज में दक्षिण गणेश उत्सव कमेटी के छात्रों ने बृहस्पतिवार को दस फीट ऊंचे बप्पा को कॉलेज परिसर में विराजमान किया। यहां लगभग चार सौ छात्र मिलकर गणेश उत्सव मना रहे हैं। कमेटी के अध्यक्ष गणेश ने बताया कि गणेश महोत्सव पर कॉलेज के छात्रों की ओर से समारोह का आयोजन किया जा रहा है। कमेटी अध्यक्ष गणेश ने बताया कि गणेश उत्सव मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि अपनी संस्कृति को बनाए रखना है। कमेटी के सभी छात्र तेलंगाना और हैदराबाद के रहने वाले हैं।
गणेश चतुर्थी पर श्री गणेश उत्सव समिति पटेलनगर की ओर से कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें 108 महिलाएं कलश धारण करती हुई चल रही थी। श्याम सुंदर मंदिर के समीप मैदान में सजाए गए पंडाल में बप्पा को विराजा गया। इससे पहले सहारनपुर रोड स्थित एक विवाह स्थल में पंडित तजेंद्र हरजई, मनीष जॉली और योगेश आनंद ने विशेष पूजा की। जहां से शुरू हुई कलश यात्रा मंदिर परिसर में संपन्न हुई। जहां पूजा-अर्चना कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने गणपति प्रतिमा की स्थापना की। हरजई ने बताया कि दस दिन चलने वाले गणेश उत्सव में प्रतिदिन शाम छह से नौ बजे तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। समिति की ओर से रविवार को चित्रकारी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया जाएगा। जिसमें कक्षा एक से आठ तक के छात्र भाग ले सकते हैं। इस दौरान योगेश आनंद, चंद्र मोहन आनंद, साहिल, शेखर आदि मौजूद रहे।
गढ़ी कैंट स्थित श्री सिद्धि विनायक सेवा समिति के पंडाल में स्थापित किए गणपति बप्पा की मूर्ति को इको फ्रेंडली बनाया है। जिसका विसर्जन के दौरान नदी का पानी दूषित नहीं होगा। मूर्ति बनाने वाले आजीव विजय ने बताया कि इसको बनाने में पांच दिन का समय लगा। जिसे मिट्टी, गत्ते और कागज से बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस साल की गणेश चतुर्थी में सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है। जिससे जल और पर्यावरण दूषित न हो। विजय ने बताया कि 14 साल से वह बप्पा की मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। हर साल उनका प्रयास कुछ अलग करने का होता है। जिससे समारोह को एक भव्य रूप दिया जा सके।