मूसलाधार बारिश से गंगनगर में आये उफान से शहर में जलभराव का संकट गहरा गया। बारिश के चलते खड़खड़ी श्मशान घाट के बाहर खड़ी एक गाड़ी भी बह गई। बताया गया कि कुछ लोग एक व्यक्ति का शव अंतिम संस्कार के लिए लेकर आए थे। इसी बीच बारिश आ गई जिससे उनका वाहन बह गया और काफी दूर तक गंगा में बहता हुआ चला गया। बाद में वाहन गंगा में फंस गया जिसे पानी कम होने पर निकाला गया।
धर्मनगरी हरिद्वार में आफत की बारिश, कार में सवार थे लोग और कार बहने लगी
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कई हिस्सों में जलभराव का संकट गहराया गया। कनखल और उत्तरी हरिद्वार की कई कालोनियों में घरों के भीतर कई फीट पानी भर गया। घरों में पानी भरने से क्षेत्रवासी बार बार अधिकारियों से गंगनहर में पानी कम करने की गुहार लगाते रहे। आखिर जिलाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद गंगनहर में पानी कम कराया गया, तो लोगों ने राहत की सांस ली।
शुक्रवार को दोपहर तीन बजे एक घंटा लगातार हुई बारिश ने जिला प्रशासन के जलभराव को लेकर किये दावों की पोल खोल दी है। मध्य हरिद्वार क्षेत्र में रानीपुर मोड, गोविंदपुरी, आवास विकास समेत अन्य क्षेत्रों में भी दो से ढाई फुट तक पानी था। भगत सिंह चौक पर रेलवे पुलिया के नीचे निर्माण कार्य के चलते भारी जलभराव हो गया, जिससे शहर का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। भगत सिंह चौक के साथ ही टिबड़ी फाटक, रानीपुर मोड़ पर भी यातायात बाधित रहा।
सबसे अधिक परेशानी कनखल की कृष्णा नगर कालोनी और सर्वप्रिय विहार के लोगों को झेलनी पड़ी। जहां गंगनहर के रजवाहे में अधिक पानी आने से वह ओवरफ्लो हो गया और लोगों के घरों में कीचड़ समेत पानी घुस आया। घरों के बाहर खड़े वाहन पानी में डूब गए साथ ही घरों में पानी घुसने से घरेलू सामान बारिश की भेंट चढ़ गया। लॉटोवाली, हनुमानगढ़ी, गणेशपुरम, संदेश नगर आदि में भी जगह जगह जलभराव की स्थिति रही। खड़खड़ी भूपतवाला रामगढ़ नई बस्ती में जलभराव होने से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी।
प्रभावित लोगों ने आपदा प्रबंधन के कंट्रोल रूम में बार बार फोन कर मदद की गुहार लगाई। मध्य हरिद्वार में जब पानी अधिक भरने लगा तो भाजपा नेता अनिल अरोड़ा और अन्यों ने डीएम को फोन किया। उन्होंने यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश देकर गंगनहर का पानी कम कराया तब कही जाकर राहत मिली। जिलाधिकारी ने इस रजवाहे की नए सिरे से सफाई कराने के आदेश भी दिए हैं। देर शाम तक कई कालोनियों से आमजन घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। चंद्राचार्य चौक को जलभराव से निजात दिलाने के लिए लगाए गए जनरेटर और पंपिंग सेट ही एकमात्र सहारा बने हैं। जनरेटरों को लेकर भाजपा कांग्रेस में जमकर राजनीति हो चुकी है, लेकिन शुक्रवार को जब बारिश से जलभराव हुआ तब इसी व्यवस्था से जैसे तैसे पानी निकाला जाता रहा।