वर्तमान में पीपीएफ खाते में जमा राशि पर 7.8 फीसद की दर से ब्याज दिया जाता है। इतना ही नहीं इसमें होने वाले कंट्रीब्यूशन, इंटरेस्ट और मैच्योरिटी राशि सभी टैक्स फ्री होती हैं। पीपीएफ से जुड़ी ये जानकारियां पढ़ेंगे तो आप फायदे में रहेंगे।
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कर्मचारियों के लिए PPF से जुड़ी बड़ी खबर, पढ़ेंगे तो फायदे में रहेंगे...
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 12 Oct 2017 08:23 AM IST
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एक व्यक्ति की ओर से सिर्फ एक पीपीएफ खाता ही चलाया जा सकता है। हालांकि इसमें माइनर के लिए खुलवाया गया अकाउंट अपवाद (एक्सेप्शन) होता है। इसमें साझा अकाउंट नहीं खुलवाया जा सकता है। कोई सब्सक्राइबर किसी अवयस्क (बच्चे) के नाम पर खाता खुलवा सकता है लेकिन इसके सभी खातों में सालाना कंट्रीब्यूशन की लिमिट 1.5 लाख ही होनी चाहिए।
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एक वित्त वर्ष के दौरान किसी पीपीएफ खाते में जमा की जाने वाली न्यूनतम राशि 500 रुपए और अधिकतम राशि 1.5 लाख रुपए है। वहीं अगर आप इसमें कुछ डिफॉल्ट करते हैं तो डिफॉल्ट के अनुसार आप पर 50 रुपए का जुर्माना लगेगा। यह उस सूरत में लगेगा जब सब्सक्राइबर्स सालाना न्यूनतम राशि यानि कि 500 रुपए भी जमा नहीं करेगा।
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एक वित्त वर्ष के दौरान पीपीएफ डिपॉजिट अधिकतम 12 बार ही किया जा सकता है। पीपीएफ खातों में मैच्योरिटी पीरियड 15 साल का होता है लेकिन इसे म्योच्योरिटी के एक वर्ष के पहले ही 5 अन्य सालों के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस खाते को एक अधिकृत बैंक से दूसरे अधिकृत बैंक या फिर एक पोस्ट ऑफिस से दूसरे में स्थानांतरित किया जा सकता है। वहीं कुछ मामलों में पीपीएफ खाते को चालू खाता माना जाएगा।
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अगर पीपीएफ सब्सक्राइबर्स एक वित्त वर्ष के दौरान 500 रुपए की न्यूनतम राशि भी जमा नहीं करवाता है तो उस खाते को बंद माना जाएगा। ऐसे मामलों में सब्सक्राइबर्स किसी भी सूरत में लोन लेने या फिर आंशिक निकासी का हकदार नहीं होगा। यानी आप एक खाते के डिस्कांटीन्यू रहते दूसरा खाता नहीं खुलवा सकते हैं।