पाइप लाइन के जरिए पहुंचेगी किचन में LPG, अगर हो जाएं जल्दी यह काम
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पाइप लाइन के जरिये रसोई गैस को चूल्हे तक पहुंचाने की योजना अभी धरातल पर उतरती नहीं दिख रही है। वजह नगर निगम की ओर से प्रस्तावित भूमि को भारत पेट्रोलियम कारपोरेशन एवं गेल गैस लिमिटेड को हस्तांतरित नहीं करना है, जबकि निगम भूमि का चार करोड़ से अधिक का पैसा अग्रिम ले चुका है।
नेचुरल गैस टर्मिनल स्थापित करने के लिए रानीपुर झाल में 4000 वर्ग मीटर भूमि नगर निगम को सर्किल रेट देनी थी। शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक की इच्छा के मुताबिक मेयर मनोज गर्ग ने बोर्ड में आनन-फानन में इसका प्रस्ताव भी पारित करा दिया था।
सर्किल रेट के हिसाब से 5 करोड़ 6 लाख रुपये जमीन की कीमत के सापेक्ष गेल नगर निगम को 4 करोड़ 17 लाख 45 हजार का अग्रिम भुगतान भी कर चुका है। इसके बावजूद उन्हें भूमि हस्तांतरित नहीं हुई।
जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने से भारत पेट्रोलियम व गेल के परियोजना अधिकारियों का भी जवाब तलब होने लगा है। जिलाधिकारी ने नगर निगम व राजस्व विभाग से संयुक्त रूप से जमीन की पैमाइश करने और बोर्ड के प्रस्ताव के अनुसार 4000 वर्ग मीटर भूमि की निशानदेही कर गेल को देने का निर्देश दिया था।