चिलचिलाती गर्मी के बीच केरल में मानसून पहुंचने के बाद उत्तराखंड में भी इस दिन से मानसून दस्तक दे सकता है। मौसम विभाग के 15 जून से 1 जुलाई के बीच गुजरात के कुछ हिस्से, राजस्थान के कुछ हिस्से, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, पंजाब और हरियाणा के साथ साथ जम्मू-कश्मीर में मानसूनी बारिश का अलर्ट दिया है।
केरल के बाद अब उत्तराखंड में इस दिन पहुंच सकता है मानसून, झमाझम बारिश के लिए हो जाएं तैयार
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वहीं, उत्तराखंड के सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री सतपाल महाराज ने मंगलवार को मानसून अवधि को देखते हुए अफसरों को एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। बाढ़ सुरक्षा कार्यों की तैयारी बैठक में उन्होंने सभी जिलों में बाढ़ की आशंका वाले स्थलों को चिह्नित करने के निर्देश दिए। साथ ही बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लेने के लिए कहा है।
विधानसभा स्थित अपने कक्ष में आयोजित तैयारी बैठक में मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष 24 घंटे संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि 15 जून से 15 अक्तूबर तक मानसून अवधि है। इसे देखते हुए तैयारियों को तत्काल अंतिम रूप दिया जाना जरूरी है।
बैठक में कहा गया बाढ़ सुरक्षा कार्य, बांधों एवं बैराजों पर निगरानी के लिए खंडीय स्तर पर टीमों का गठन कर लिया जाए, ताकि मानसून से पूर्व और मानसून के समय इस संरचना का उचित संचालन हो सके। बाढ़ सुरक्षा उपायों में अभिनव प्रयोग पर बल दिया गया। 40 मेगावाट सोलर पावर प्रोजेक्ट की स्वीकृत शीघ्र प्राप्त कर कार्य प्रारंभ करने के मंत्री ने निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त सौंग बांध पेयजल परियोजना का कार्य शीघ्र आरंभ करने के निर्देश भी जारी किए। जमरानी बांध एवं त्यूनी प्लासू जल विद्युत परियोजना से संबंधित बजट के प्रबंधन पर भी चर्चा हुई। बैठक में प्रमुख सचिव सिंचाई आनंद बर्द्धन, अपर सचिव सिंचाई देवेंद्र पालीवाल, मुख्य अभियंता सिंचाई विभाग मुकेश मोहन सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।