दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ले रहे नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में उत्तराखंड के इस बड़े भाजपा नेता को जगह मिलेगी। इससे केंद्र में उत्तराखंड को प्रतिनिधित्व मिलेगा।
Modi swearing-in: पीएम मोदी की नई कैबिनेट में उत्तराखंड के इस बड़े नेता को मिलेगी जगह
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सांसद डा. रमेश पोखरियाल निशंक का नाम तय हो गया है। शाम सात बजे वह मोदी कैबिनेट में शामिल होंगे। फिलहाल राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चा में निशंक का नाम सबसे आगे हैं। वहीं निशंक ने इस बात की पुष्टि की है और उनका कहना है कि उन्हें दिल्ली से इस बाबत फोन किया गया है। वह केंद्र में अपनी जिम्मेदारी पूरी तरह से निभाएंगे।
इन चुनावों में निशंक ने उत्तराखंड की हरिद्वार लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी। हरिद्वार सीट में भाजपा के रमेश पोखरियाल निशंक और कांग्रेस के अंबरीश कुमार में मुकाबला एकतरफा रहा था। यहां अल्पसंख्यक वोटों के बावजूद कांग्रेस खास नहीं कर पाई। भाजपा को राष्ट्रवाद के साथ हिंदुत्व का फायदा इस सीट पर मिला है।
निशंक ने कांग्रेस प्रत्याशी अंबरीष कुमार को 258729 वोटों के अंतर से हराया। निशंक को 665674 और अंबरीष कुमार को 406945 वोट मिले थे। 2014 में निशंक जब पहली बार सांसद का चुनाव लड़े थे, जब उनके मुकाबले तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत थी और राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। मोदी लहर का जबरदस्त असर था और निशंक करीब डेढ़ लाख वोटों से जीते थे।
डा. रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद (हरिद्वार, उत्तराखंड) एक कवि भी हैं।
पिता- स्व. परमानंद पोखरियाल
मां- स्व. विशंभरी देवी
जन्म- 15 जुलाई 1959
जन्म स्थान- पिनानी, पौड़ी गढ़वाल
पत्नी- कुसुमकांता
शिक्षा- एमए, पीएचडी(ऑनर्स), डी. लिट(ऑनर्स), हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी श्रीनगर।
साल 1991 से साल 2012 तक पांच बार यूपी और उत्तराखंड की विधानसभा पहुंचे।
साल 1991 में पहली बार उत्तर प्रदेश में कर्णप्रयाग विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। जिसके बाद लगातार तीन बार विधायक बने।
साल 1997 में उत्तर प्रदेश सरकार में कल्याण सिंह मंत्रिमंडल में पर्वतीय विकास विभाग के मंत्री बने।
साल 1999 में रामप्रकाश गुप्त की सरकार में संस्कृति पूर्त व धर्मस्व मंत्री रहे।
2000 में उत्तराखंड राज्य निर्माण के बाद प्रदेश के पहले वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री बने।
वर्ष 2007 में उत्तराखंड सरकार में चिकित्सा स्वास्थ्य, भाषा तथा विज्ञान प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री बने।
वर्ष 2012 में डोईवाला (देहरादून) क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
वर्ष 2014 में डोईवाला से इस्तीफा देकर हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से सांसद निर्वाचित हुए।