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राम मंदिर निर्माण पर संत जो भी तय करें आरएसएस उनके साथ- मोहन भागवत

Mon, 26 Nov 2018 08:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Updated Mon, 26 Nov 2018 08:19 AM IST
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Mohan Bhagwat arrives Haridwar for Patanjali Gurukulam inauguration
ramdev

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने पतंजलि के नवनिर्मित आवासीय शिक्षण संस्थान पतंजलि गुरुकुलम् के भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर निर्माण को लेकर अारएसएस का रुख साफ कर दिया।

 

 

Mohan Bhagwat arrives Haridwar for Patanjali Gurukulam inauguration
ramdev

राम मंदिर निर्माण पर मोहन भागवत ने कहा कि सरकार को राम मंदिर जल्द बनाना चाहिए। संतों ने मंदिर बनाने की कार्य योजना तैयार करने की बात कही है। हम संतों के साथ हैं। यहां उन्होंने बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण के साथ हवन में भाग लिया। जिसके बाद उन्होंने आवासीय शिक्षण संस्थान के भवन का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुरुकुलम् वैदिक और ऋषिज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाएगा।

 

Mohan Bhagwat arrives Haridwar for Patanjali Gurukulam inauguration
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राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सरसंघ चालक मोहन भागवत ने कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण अतिशीघ्र किया जाना चाहिए। देश का जनमानस राम मंदिर का निर्माण चाहता है। संतों ने इस बारे में जो भी कार्य योजना बनाना तय किया है, आरएसएस संतों के साथ है। वे जो भी योजना बनाएंगे। उसे सिरे चढ़ाने के लिए सभी मिलकर काम करेंगे। कहा कि अयोध्या में राम मंदिर बनना ही चाहिए। इस बारे में समग्र जनमानस की राह स्पष्ट है। कोई भी भिन्न राय नहीं रखता है।

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Mohan Bhagwat arrives Haridwar for Patanjali Gurukulam inauguration
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उन्होंने कहा कि सरकार को मंदिर निर्माण के लिए जल्दी ही पहल करनी चाहिए। हाल ही में साधु संतों ने राम मंदिर निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने की बात कही है। पूरा जनमानस संत समाज के साथ है। भागवत ने कहा कि संत जो भी निर्णय लेंगे हम भी उनके साथ है। भगवान श्रीराम को भारत की संस्कृति बताते हुए उन्होंने कहा कि वे ऐसे महापुरुष थे जो हिंदू और मुसलमान दोंनों की ही पूर्वज हैं।

 

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अगर कोई यह पूछे की भगवान राम किस संप्रदाय थे तो कोई क्या जवाब देगा। वे हर संप्रदाय से ऊपर थे। उनकी आत्मीयता का दायरा इतना था कि वे पूरे विश्व के थे। यही वजह है कि हम सभी उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और भगवान राम का मंदिर जल्दी बनना चाहिए।   
 
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