शेकायना, जी हां, यही है वो नाम जिसने समाज को आइना दिखाया है। आप भी जानेंगे तो गर्व से शाबाशी देंगे...
92 साल पुरानी परंपरा तोड़ ब्वॉयज स्कूल में पढ़ने पहुंची ये लड़की, पहली क्लास के बाद जानिए क्या बोली
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92 साल पुराने कर्नल ब्राउन कैंब्रिज स्कूल में बृहस्पतिवार को इतिहास रचा गया। स्थापना से आज तक केवल लड़कों को पढ़ाने वाले इस स्कूल में नन्हीं बेटी शेकायना मुखिया पहली छात्रा बनीं। स्कूल खुलने के पहले ही दिन कक्षा में जाकर शेकायना काफी खुश नजर आईं। उनका कहना था कि वह कोई लड़कों से कम हैं क्या। स्कूल के इस फैसले से शेकायना का परिवार भी काफी खुश नजर आया। खास बात यह है कि उनके माता-पिता भी इसी स्कूल में शिक्षक हैं। स्कूल चेयरमैन डॉ. इंदु बाला सिंह ने कहा कि शेकायना एक नया बदलाव लेकर आई हैं। स्कूल प्रबंधन को छात्राओं को पढ़ाने में कोई परेशानी नहीं है।
क्लास के बाद वह काफी खुश नजर आईं। पहली बार वह ऐसी कक्षा में बैठी, जहां सभी लड़के थे। शेकायना अब कैंब्रिज स्कूल के इतिहास में दर्ज हो गई हैं। वह पहली ऐसी छात्रा हैं, जो लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। शेकायना के पिता यहां संगीत के शिक्षक और माता भी शिक्षिका हैं। परिवार में इस अनोखे मामले को लेकर उत्साह है। उन्हें उम्मीद है कि बेटी एक दिन नाम रोशन करेगी। शेकायना इससे पहले एक निजी चैनल के टीवी रियलिटी शो वाइस इंडिया किड्स में छठे स्थान पर रह चुकी हैं।
शेकायना ने क्लास के बाद अमर उजाला से विशेष बातचीत की। जब उनसे पूछा गया कि लड़कों के स्कूल में आप अकेली लड़की हो तो तपाक से बोलीं कि मैं क्या लड़कों से कम हूं। नन्हीं शेकायना का कहना है कि वह इस बात को लेकर उत्साहित हैं कि लड़कों के स्कूल में पढ़ रही हैं। गायिका बनकर नाम कमाने का सपना रखने वाली शेकायना ने बताया कि इस स्कूल में टीचर्स बच्चे की पढ़ाई पर बहुत ध्यान देते हैं। उन्होंने बताया कि स्कूल में उनके लिए कोई विशेष इंतजाम नहीं हैं। वह सामान्य छात्रों की तरह ही यहां शिक्षा ले रही हैं। पहले दिन कक्षा में सभी छात्रों ने उनका स्वागत किया।