उत्तराखंड के कोटद्वार क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर बाद हुई मूसलाधार बारिश से अचानक नदी और नाले उफनाकर बहने लगे। उधर, चिलरखाल-लालढांग मार्ग पर उफनाए सिगड्डी स्रोत नदी में चार दोपहिया वाहनों में सवार आठ लोग फंस गए, जिन्हें करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बचा लिया। भारी बारिश से कोटद्वार रामणी-पुलिंडा मार्ग पर कई जगह मलबा आ गया, जिससे रास्ते में कई वाहन फंस गए। जौनपुर के कालीदास मार्ग पर कई घरों में बारिश का पानी घुसने से सामान खराब हो गया।
उत्तराखंड: भारी बारिश से नदी-नालों ने लिया विकराल रूप, हुआ कुछ ऐसा कि मौत से घिर गए कई लोग
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शुक्रवार दिन में आई मूसलाधार बारिश का कहर कोटद्वार से लेकर लालढांग तक रहा। कोटद्वार में बाजार बंद होने के कारण गोविंदनगर निवासी व्यापारी रवींद्र फूल का बेटा अंबर (26) अपने दोस्तों के साथ लालपुल के पास घूमने गया था। चार युवक नदी के किनारे खड़े थे कि अचानक नदी उफान पर आ गई। अंबर का पैर फिसला और वह देखते ही देखते नदी में बह गया।
उधर, चिलरखाल-लालढांग मोटर मार्ग पर सिगड्डी स्रोत में अचानक उफान आने से चार दोपहिया वाहनों में सवार आठ लोग नदी के बीच में फंस गए। सूचना पर पहुंचे सिगड्डी के ग्रामीणों और कलालघाटी चौकी पुलिस ने रेस्क्यू कर उन्हें बाहर निकाला। कलालघाटी चौकी इंचार्ज उपनिरीक्षक विवेक राठी ने बताया कि दोपहर बाद हुई बारिश से सिगड्डी स्रोत अचानक उफनाने लगा। इस दौरान वाहनों से आवाजाही कर रहे आठ लोग नदी के बीचों-बीच फंस गए। वे नदी के बीच में स्थित टापू पर चढ़ गए। सिगड्डी गांव के लोगों ने इसकी सूचना कलालघाटी चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू कर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
24 घंटे बाद भी नहीं खुले आठ मोटर मार्ग
जिले में बारिश के बाद मलबा आने से बंद ग्रामीण क्षेत्रों के आठ मोटर मार्ग 24 घंटे बाद भी नहीं खुल पाए हैं। कोटद्वार में ऐता-चरेख मोटर मार्ग, सतपुली में बूंगा-साकनीखेत-भैड़गांव, पीपलाबैंड- दलमोटा-सरासू, अमोठा-डोबल, लवाड़-बंदूण, भैरगढ़ी- गोडिंडा, पोखरखेत-खुर्कपाल एवं कल्जीखाल- फल्दा मोटर मार्ग बंद हो गया था। इसे अब तक नहीं खोला जा सका है।