गंगा भोगपुर स्थित नीरज फॉरेस्ट रिजॉर्ट में अवैध कसीनो संचालन की सूचना पर पुलिस ग्राहक बनकर गई। ग्राहक बनकर गई महिला दरोगा दीक्षा सैनी व सीआईयू के दरोगा जयपाल चौहान ने करीब छह घंटे तक लगातार रिजॉर्ट में इनपुट जुटाए।
ध्यान नगरी में धन का खेल: ग्राहक बनकर गई पुलिस, महफिल सजने पर मारा छापा, ऐसे सामने आया पूरा मामला
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उसके बाद एक छोटे से गॉर्डन को पार करने के बाद रिजॉर्ट के अपार्टमेंट हैं। इसके बाद स्वीमिंग पूल वाला हिस्सा है। स्वीमिंग पूल वाले हिस्से को पार करने के बाद सबसे पिछले हिस्से में वेलनेस सेंटर है। यहीं कसीनो संचालित किया जा रहा था। यहां केवल कसीनो खेलने वालों को ही प्रवेश की अनुमति थी। यह इतना गोपनीय था कि कसीनो में हो रहा शोरगुल भी बाहर नहीं आ रहा था।
ग्राहक के रूप मौजूद दोनों पुलिस अधिकारियों ने रिजॉर्ट संचालकों से कसीनो खेलने की बात कही, लेकिन रिजॉर्ट संचालकों ने महिला को कसीनो में जाने से मना कर दिया। हालांकि, काफी मान मनव्वल के बाद दोनों पुलिस अधिकारी वेलनेस सेंटर के अंदर जाने में सफल रहे। यहां काफी देर तक रहने के बाद दोनों पुलिस अधिकारियों ने पुख्ता सुबूत जुटाए। वेलनेस सेंटर से बाहर आने पर पूरी जानकारी रिजॉर्ट के आसपास मौजूद टीम के सदस्यों को दी, जिस पर रात करीब 11 बजे पुलिस ने रिजॉर्ट में छापा मारा।
पुलिस को गंगा भोगपुर क्षेत्र के एक रिर्जाट में कसीनो संचालन की सूचना मिली थी, लेकिन वह रिजाॅर्ट कौन सा है, इसकी पुख्ता जानकारी पुलिस के पास नहीं थी। पुलिस बृहस्पतिवार को दिन में कई बार रिजॉर्ट में गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल पा रहा था। बाद में एसएसपी श्वेता चौबे ने टीम के सदस्यों को कहा कि क्षेत्र में संचालित हो रहे रिजार्ट के बाहर वाहनों की संख्या पर भी नजर रखो।
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पुलिस टीम को नीरज फाॅरेस्ट रिजार्ट के बाहर बड़ी संख्या में वाहन दिखे, जिससे इसी रिजॉर्ट में कसीनो संचालन की आशंका होने पर पुलिस को ग्राहक बनाकर भेजा गया। पुलिस ने बताया, दिल्ली निवासी विशाल का कसीनो चलाने का अंतरराष्ट्रीय गिरोह है। यह लोग गोवा और श्रीलंका में भी कसीनो संचालित करते हैं। हालांकि, यहां कसीनो वैध है। उत्तराखंड राज्य में कसीनो का संचालन अवैध है।