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क्यों पड़ा बदरीनाथ धाम का यह नाम? पढ़िए इसके पीछे की रोचक कहानी
टीम डिजिटल/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 20 Nov 2017 07:50 AM IST
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badrinath dham
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क्या आपको पता है बदरीनाथ धाम का नाम कैसे पड़ा। नहीं तो यहां जानिए...
Snowfall in badrinath
- फोटो : amar ujala
एक देवी के त्याग के कारण बदरीनाथ धाम का नाम रखा गया है। एक पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु योगध्यान मुद्रा में तपस्या में लीन थे तो बहुत अधिक हिमपात होने लगा। भगवान विष्णु हिम में पूरी तरह डूब चुके थे।
Snowfall in badrinath and Yamunotri
उनकी इस दशा को देख कर माता लक्ष्मी का हृदय द्रवित हो उठा और उन्होंने स्वयं भगवान विष्णु के समीप खड़े हो कर एक बेर (बदरी) के वृक्ष का रूप ले लिया और समस्त हिम को अपने ऊपर सहने लगीं।
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lord vishnu (demo pic)
माता लक्ष्मीजी भगवान विष्णु को धूप, वर्षा और हिम से बचाने की कठोर तपस्या में जुट गयीं। कई वर्षों बाद जब भगवान विष्णु ने अपना तप पूर्ण किया तो देखा कि लक्ष्मीजी हिम से ढकी पड़ी हैं।
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lord vishnu
- फोटो : lord vishnu
तो उन्होंने माता लक्ष्मी के तप को देख कर कहा कि तुमने भी मेरे ही बराबर तप किया है सो आज से इस धाम पर मुझे तुम्हारे ही साथ पूजा जायेगा और क्योंकि तुमने मेरी रक्षा बदरी वृक्ष के रूप में की है सो आज से मुझे बदरी के नाथ-बदरीनाथ के नाम से जाना जायेगा। इस तरह से भगवान विष्णु का नाम बदरीनाथ पड़ा।