गुरुवार को रामनगर से कर्णप्रयाग जा रही बस दुर्घटनाग्रस्त होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना में पांच लोगों की मौत हो गई और 21 घायल हो गए। इसके बाद घायलों ने इस दर्दनाक हादसे की वजह बताई। घायल स्याल्दे चचरोटी निवासी पंकज कुमार ने बताया कि बस हादसा चालक की गलती से हुआ है।
घायलों ने बयां की 5 जिंदगियां निगलने वाले दर्दनाक हादसे की हकीकत, चारों तरफ मच गई चीख पुकार
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भतरौंजखान से चालक बदल दिया गया। कुछ दूरी पर जाते ही चालक ने पहले बस को सड़क की दायीं ओर पहाड़ी की तरफ पत्थर से टकराया। इसके बाद ही बेकाबू बस खाई में जा समाई। उन्होंने कहा कि चालक यदि सूझबूझ दिखाता तो न सिर्फ कुछ जिंदगियां बच जाती, वरन घायलों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
भतरौंजखान मोहनरी के पास स्यालढुंगा में हुए बस हादसे के अधिकतर घायलों को रानीखेत राजकीय अस्पताल से अन्य स्थानों के लिए रेफर किए जाने से लोग भड़क उठे। बस हादसे के नौ घायलों को यहां लाया गया। अस्पताल परिसर में व्यापार अजय बबली सहित तमाम लोगों का कहना था कि डाक्टर मरीजों को देखे बगैर रेफर कर दे रहे हैं।
(30)पत्नी अज्ञात निवासी भतरौंजखान , लाल गिरी (36) पुत्र अज्ञात निवासी रामनगर घायल हो गए।
उन्होंने कहा कि गंभीर रोगियों को रेफर करना ठीक है, लेकिन जो मामूली रूप से घायल हैं, उन्हें भी सीधे रेफर कर दिया जा रहा है। कहा कि सरकार से कई बार अस्पताल में सुविधाएं देने की मांग की गई। आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हादसे में, हिमांशु (20) पुत्र सुरेश, उमेश नाथ (24) पुत्र हरि नाथ ग्राम थौली, प्रेम सिंह पुत्र अज्ञात , नंदन परिचालक और एक अज्ञात की मौत हो गई।