संकष्टी चतुर्थी 2018: इस शुभ मुहूर्त में भगवान गणेश की पूजा कर लगाएं ये भोग, मिलेगा दोगुना फल
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इस साल माघ संकष्टी चतुर्थी को होने वाले पूजन का आरंभ 4 जनवरी रात्रि 9.30 को होगा और 5 जनवरी शाम 7 बजे तक समाप्त हो जाएगा। इन दिनों में तिल के बने पदार्थ दान भी किए जाएंगे और खाए भी जाएंगे। 14 जनवरी को सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण का मुहूर्त बनाएंगे। इस दिन से सूर्य की उत्तर यात्रा प्रारंभ होगी।
तिलों का भारतीय संस्कृति से गहरा रिश्ता है। काले तिल तो वर्ष भर होने वाले कर्मकांड में काम आते हैं। विशेष रूप से पितृ श्राद्ध आदि कर्म काले तिलों के बगैर संपन्न नहीं होते। सफेद तिलों का प्रयोग देश में बनने वाले अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थों में किया जाता है। इस प्रकार सफेद तिलों के पर्व संकटा चतुर्थी से प्रारंभ होंगे। यह चतुर्थी शुक्रवार को पड़ रही है।
इस महिलाएं अपने संतान के लिए मां संकटाभवानी की पूजा व्रत रखकर करती हैं। सायंकाल सफेद तिल और बूरा मिलाकर तिलकुट बनाया जाता है। इसी तिलकुट को पकवान के साथ मिष्ठान्न के रूप में प्रयोग किया जाएगा। सायंकाल दीप जलाकर महिलाएं भोजन ग्रहण करेंगी।