भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (बीएसआई) ने कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र में वनस्पतियों की खोज करते-करते ‘शिव-पार्वती’ की ही खोज कर डाली।
{"_id":"59f7fc404f1c1b76678b84ee","slug":"scientist-found-shiv-parvati-in-kailash-mansarovar","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"कैलाश-मानसरोवर में विज्ञानियों ने खोज निकाले ‘शिव-पार्वती’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कैलाश-मानसरोवर में विज्ञानियों ने खोज निकाले ‘शिव-पार्वती’
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Nov 2017 08:47 AM IST
विज्ञापन
kailash mansarovar yatra
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
plant
दरअसल बीएसआई ने पश्चिमी हिमालय में 5500 मीटर ऊंचाई पर पाए जाने वाले नए वंश के तीन वनस्पति समूहों को भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित करते हुए विज्ञानियों ने इनका नामकरण शिव-पार्वती के नाम पर किया है। बीएसआई के विज्ञानियों ने इन नई प्रजातियों का पहला संग्रहण पिथौरागढ़ से किया है।
kailash mansarovar
कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र में असंख्य बेशकीमती वनस्पतियों का अपार भंडार है। इनकी खोज में देश-विदेश के विज्ञानी जुटे हुए हैं। इसी क्रम में भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण के देहरादून स्थित क्षेत्रीय कार्यालय को यह उपलब्धि हाथ लगी है। बीएसआई के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. प्रशांत पुसालकर और डॉ. डीके सिंह ने पश्चिमी हिमालय में वनस्पतियों के नए वंश के तीन समूहों को खोजा है। इसके अध्ययन के बाद पाया गया कि ये वनस्पतियां केरिओफिलेस कुल की अन्य प्रजातियों से बिल्कुल अलग हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
नई खोजी गईं वनस्पति प्रजातियां शिव-पार्वती सिलिओलाटा, शिव-पार्वती ग्लेंडुलिजेरा और शिव-पार्वती स्ट्रेचेई को अति विशिष्ट माना जा रहा है। विज्ञानियों का कहना है कि इस वंश की प्रारूप प्रजाति शिव-पार्वती ग्लेंडुलिजेरा के फूलों के बीच में दिखने वाला नीला रंग शिव के नीले कंठ की समरूपता दर्शाता है। इसके साथ ही इसका सफेद रंग पवित्रता का प्रतीक है। इसी वजह से हिमालय के अधिपति भोलेनाथ और माता पार्वती को इसे समर्पित किया गया है। यह प्रजाति 4000 से 5500 मीटर ऊंचाई पर पश्चिमी हिमालय में पाई जाती है।
विज्ञापन
कैलास मानसरोवर यात्रा
- फोटो : अमर उजाला
हिमाच्छादित शिखरों की ढलानों, दर्रों, ग्लेशियर घाटियों के हिमोढ़ों में स्थित एकांत अधिवास में नए वंश की प्रजातियां उगती हैं। अति सुंदर फूलों वाली इन प्रजातियों का यह समूह हिमालय के अधिपति भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती को समर्पित किया गया है।
- डॉ. प्रशांत पुसालकर, वरिष्ठ विज्ञानी, क्षेत्रीय कार्यालय, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण
- डॉ. प्रशांत पुसालकर, वरिष्ठ विज्ञानी, क्षेत्रीय कार्यालय, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण