शारदीय नवरात्रि आज से शुरू हो गए हैं। ज्योतिष रत्न आचार्य डॉ. चंडी प्रसाद घिल्डियाल ने बताया कि इस वर्ष सूर्य एवं चंद्रमा बुध की कन्या राशि में रहेंगे। हस्त नक्षत्र होने से कई वर्षों बाद बहुत बड़ा संयोग नवरात्रि पर बन रहा है।
Shardiya Navratri 2019: सालों बाद बना शुभ संयोग, राशि के अनुसार करें देवी की आराधना
दक्षिण पार्श्व में हरियाली भोकर देवी मां से अपने घर परिवार की सुख समृद्धि की कामना करते हुए अनुष्ठान प्रारंभ करें। दिन भर व्रत रखें शाम को फलाहार कर संध्याकाल में देवी की आरती उतारकर भोजन ग्रहण कर सकते हैं। नवरात्रि के नौ दिनों में नवग्रहों की शांति का उपचार भी सर्वोत्तम रहता है।
इस बार रविवार को पहला नवरात्र होने से सूर्य ग्रह की शांति के लिए बहुत ही शुभ संयोग है। दूसरे दिन सोमवार को दूसरा नवरात्र होने से चंद्रमा की शांति इसी प्रकार मंगल बुध बृहस्पति शुक्र शनि और राहु केतु की शांति के लिए दान करना सर्वोत्तम है। इससे सभी नवग्रह शांत होकर वर्ष पर्यंत साधकों को सभी कष्टों से मुक्ति देते हैं।
राशि के अनुसार ऐसे करें पूजन
मेष राशि - गुड़हल के फूल और कुमकुम से
वृष राशि - लाल और सफेद फूलों से
मिथुन राशि - पंचामृत से
कर्क राशि - रत्नों से मिश्रित जल से
सिंह राशि - गुड गुड़हल के फूल व पीले कनेर के फूलों से
कन्या राशि - सफेद तिलो से
तुला राशि - सफेद फूलों से
वृश्चिक राशि - गुड एवं लाल फूलों से
धनु राशि - जौ एवं कनेर के फूलों से
मकर राशि - काले तिल एवं लाल फूलों से
कुंभ राशि - काले तिल एवं विभिन्न रंगों के फूलों से
मीन राशि - पीपल के पत्तों गुड़हल के फूल एवं कनेर के फूलों से।
