फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अनूठी मान्यता: यहां मंदिर में बिताते हैं एक रात तो बन जाती है बात...पूजा का नहीं विशेष विधान, न ही जरूरी नियम

Sat, 16 Sep 2023 02:44 PM IST
रेनू सकलानी जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर (देहरादून)
जितेंद्र जोशी, संवाद न्यूज एजेंसी, विकासनगर (देहरादून) Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 16 Sep 2023 02:44 PM IST
विज्ञापन
Uttarakhand famous Temple Mahasu Maharaj spend a night in the temple things get resolved Vikasnagar
महासू देवता का मंदिर - फोटो : amar ujala

अधिकांश देवस्थलों में देव पूजन के विधान होते हैं, पर उत्तराखंड में एक ऐसा भी मंदिर है, जहां मनोकामना सिद्धि के लिए पूजन, भेंट, खानपान निषेध आदि का कोई तय नियम नहीं है। मान्यता है कि मंदिर परिसर में एक रात बिताने से भक्त की बात बन जाती है। यहां दूर-दूर से भक्त रात बिताने के लिए आते हैं।

यह चकराता ब्लॉक के हनोल स्थित महाशिव के चतुर्भुज रूप महासू देवता का मंदिर है। महासू देवता मंदिर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। मंदिर में पूजे जाने वाले बासिक, पबासिंक, बौठा और चालदा महासू भगवान शिव के ही रूप हैं। महाशिव के अपभ्रंश से महासू की उत्पति हुई, भक्तों के लिए वह न्याय के देवता हैं।

महासू देवता मंदिर हनोल के साथ एक अनूठी मान्यता जुड़ी
11वीं से 12वीं सदी के बीच हूण राजवंश के पंडित मिहिरकुल हूण या हूण भाट (योद्धा) ने मंदिर का निर्माण किया था। हालांकि, मान्यता है कि यहां सतयुग से ही महासू महाराज की अराधना की जा रही है। महासू देवता मंदिर हनोल के साथ एक अनूठी मान्यता जुड़ी है।

यहां भक्त मनोकामना सिद्धि के लिए मंदिर परिसर में बने मैदान में रात्रि जागरण के लिए आते हैं। यहां भक्तों को अपने मन की इच्छा को महासू महाराज के समक्ष प्रकट करते हुए मंदिर परिसर में केवल एक रात बितानी पड़ती है। भक्तों को रात बिताने के लिए मंदिर समिति की ओर से बाकायदा कंबल भी दिया जाता है। 

Uttarakhand famous Temple Mahasu Maharaj spend a night in the temple things get resolved Vikasnagar
महासू देवता का मंदिर - फोटो : amar ujala

मान्यता है, सच्ची श्रद्धा से की गई मनोकामना को महासू महाराज पूरी करते हैं। मंदिर में रात लगाने के लिए कोई खास विधान या खानपान वर्जित नहीं है। हालांकि, कुछ भक्त सुबह स्नान के बाद आटे, घी और चीनी से प्रसाद बनाते है।  उसके बाद मंदिर के दर्शन कर भगवान के गर्भगृह स्थित स्राेत से निकले पवित्र जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश या जल पात्र छूने की अनुमति नहीं है। कई भक्त मनोकामना पूरी होने के बाद मंदिर में चांदी का सिक्का या छत्र चढ़ाते हैं। हालांकि, इन दोनों के लिए भी कोई तय नियम नहीं है। 

Uttarakhand famous Temple Mahasu Maharaj spend a night in the temple things get resolved Vikasnagar
महासू देवता का मंदिर - फोटो : amar ujala

महासू देवता मंदिर समिति हनोल के सचिव मोहनलाल सेमवाल ने बताया, मंदिर परिसर में रात बिताने का मतलब जागरण से है। महासू महाराज शिव का ही रूप हैं। मान्यता है कि माता पार्वती ने नहाने से पहले शरीर पर लगाए गए हल्दी के उबटन से गणेश भगवान की उत्पति की थी। इसके बाद वह स्नान के लिए चली गईं और बाहर गणेश को द्वारपाल के रूप में तैनात कर दिया। जब शिव आए तो भगवान गणेश ने उनको द्वार पर रोेक दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Uttarakhand famous Temple Mahasu Maharaj spend a night in the temple things get resolved Vikasnagar
महासू देवता का मंदिर - फोटो : amar ujala

दोनों के बीच युद्ध हुआ, शिव ने त्रिशूल से भगवान गणेश का मस्तक धड़ से अलग कर दिया। जब शिव का क्रोध शांत हुआ तो उन्होंने गरुड़ को अपने बच्चे की तरफ पीठ कर सो रही माता के बच्चे के सिर को लाने के आदेश दिए। गरुड़ गज शिशु का शीश ले आए। शिव ने भगवान गणेश को गज शीश लगाकर पुनर्जीवित कर दिया। रातभर भगवान शिव, माता पार्वती, शिव गणों और सभी देवी देवताओं ने जागरण किया, तब से ही महासू मंदिर में जागरण या रात बिताने की प्रथा शुरू हुई।

विज्ञापन
Uttarakhand famous Temple Mahasu Maharaj spend a night in the temple things get resolved Vikasnagar
महासू देवता का मंदिर - फोटो : अमर उजाला

हनोल स्थित महासू मंदिर में हरितालिका तीज के साथ जागड़ा पर्व शुरू होता है। सेमवाल ने बताया, हरितालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को होती है। इसके अगले दिन गणेश चतुर्थी तक पर्व चलता है। इस बार हरितालिका तीज 18 और गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को है। यहां जागड़ा पर्व पर 20 हजार श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। करीब पांच से छह हजार भक्त रात भी लगाते हैं।

ये भी पढ़ें...बार डांसर हत्याकांड:  घर में अकेली कमाने वाली थी श्रेया, हर महीने भेजती थी 30 हजार रुपये, बहन ने बयां किया दर्द

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed