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मोदी का विश्वास जीत पूरा हुआ निशंक का वनवास, सीएम की कुर्सी छोड़ने के 8 साल बाद बने केंद्रीय मंत्री

Sat, 01 Jun 2019 10:17 AM IST
अलका त्यागी राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून
राकेश खंडूड़ी, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 01 Jun 2019 10:17 AM IST
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Uttarakhand Mp Ramesh pokhriyal Nishank become Union Minister after 8 years of cm
ramesh pokhriyal nishank - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार लोकसभा के सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक आखिरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भरोसा जीतने में कामयाब रहे। उन्हें केंद्रीय कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटने बाद से निशंक प्रदेश और केंद्र की सत्ता में वापसी का इंतजार कर रहे थे।

Uttarakhand Mp Ramesh pokhriyal Nishank become Union Minister after 8 years of cm
डा. रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : अमर उजाला

उनका करीब आठ साल बाद वनवास पूरा हुआ और उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली। हालांकि इस दौरान निशंक ने कई उतार चढ़ावों को देखा और संघर्ष के बूते चुनौतियों से पार पाते चले गए। वर्ष 2014 में भाजपा ने जब उन्हें हरिद्वार लोकसभा से खांटी राजनीतिज्ञ हरीश रावत की पत्नी रेणुका रावत के खिलाफ उतारा था, तब सियासी समीक्षक यही अनुमान लगा रहे थे कि निशंक हारे तो उनकी राजनीतिक कहानी खत्म हो जाएगी।

Uttarakhand Mp Ramesh pokhriyal Nishank become Union Minister after 8 years of cm
डा. रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : अमर उजाला

पहाड़ की सियासत करने वाले निशंक मैदानी सियासत के भी बड़े खिलाड़ी साबित हुए। उन्होंने रेणुका रावत को पराजित कर पहली बार संसद की राह पकड़ी। इस जीत के बावजूद मोदी कैबिनेट में उनके शामिल होने की संभावनाएं कमतर मानीं गईं तो इसकी एक प्रमुख वजह मंत्री पद के दो कद्दावर दावेदारों का होना था। पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल बीसी खंडूड़ी और भगत सिंह कोश्यारी में से किसी एक के केंद्रीय मंत्रिमंडल में जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन दांव अल्मोड़ा के नौजवान सांसद अजय टम्टा का लगा था।

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Uttarakhand Mp Ramesh pokhriyal Nishank become Union Minister after 8 years of cm
डा. रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : अमर उजाला

केंद्र के इस चयन से मंत्री पद के तीनों दावेदार ही नहीं राज्य की सियासतदां भी चकित थे। लेकिन निशंक ने खुद के वजूद को बनाए रखने के लिए हर वो कोशिश की, जो जरूरी थी। जब तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को संसदीय समिति के सभापति के दायित्व दिए गए तो आश्वासन समिति के सभापति के तौर पर निशंक ने खूब सक्रियता दिखाई। उन्हें आश्वासन समिति का दायित्व मिला था और समिति का सभापति रहते हुए उन्होंने सालों पुराने आश्वासनों को पूरा कराकर नेतृत्व का ध्यान आकर्षित कराया।

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Uttarakhand Mp Ramesh pokhriyal Nishank become Union Minister after 8 years of cm
रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : अमर उजाला

संसद में प्रश्न पूछने और लगातार विषय उठाने में भी वे पीछे नहीं रहे  । जब-जब सदन में बोलने का मौका मिला, उन्होंने उसका लाभ उठाया। वे साहित्य कर्म के जरिये भी उपस्थिति दर्ज कराते रहे। संसदीय और राजनीतिक व्यस्तता से समय निकालकर उन्होंने स्पर्श गंगा अभियान के जरिये खुद को पर्यावरणीय सरोकारों से जोड़े रखा।  सियासी जानकारों की मानें तो अपने इसी बहुआयामी व्यक्तित्व के दम पर वे मोदी शाह का विश्वास जीतने और अपना वनवास पूरा करने में कामयाब रहे। 

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