पांडुकेश्वर निवासी सोमेश पंवार सतोपंथ के अति दुर्गम पैदल मार्ग पर साइकिल से यात्रा कर लौट आए हैं। उन्होंने बदरीनाथ से सतोपंथ तक 50 किमी की यात्रा पांच दिन में पूरी की। स्वच्छ हिमालय का संदेश देने और कोरोना से विश्व को मुक्ति की कामना के उद्देश्य से उन्होंने यह यात्रा की थी। साइकिल से पहली बार कोई व्यक्ति सतोपंथ पहुंचा है। करीब 50 किमी के इस सफर को पांच दिन में पूरा कर सोमेश पंवार गुरुवार को बदरीनाथ लौटे। साइकिल से कई यात्राएं करने वाले सोमेश का कहना है कि खतरनाक रास्ते, पहाड़ी ढलान, बड़े-बड़े बोल्डरों को पार करते हुए पहाड़ पर साइकिल चढ़ाना खतरनाक तो है, लेकिन साहसिक व रोमांचकारी भी है। सोमेश साइकिल से जोखिम भरी यात्रा करने के लिए जाने जाते हैं। पिछले साल उन्होंने माणा गांव से कन्याकुमारी तक 4035 किमी की यात्रा साइकिल से पूरी की थी। साथ ही वह पंच बदरी की यात्रा भी साइकिल से कर चुके हैं। बदरीनाथ से 25 किमी दूर सतोपंथ में प्राकृतिक झील के साथ ही हिमालय की सुंदरता श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करती है।
उत्तराखंड : साइकिल से तय की रोमांचक दुर्गम यात्रा, 4600 मीटर ऊंचाई पर सतोपंथ पहुंचे सोमेश, तस्वीरें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 02 Jul 2021 03:38 PM IST
सार
साइकिल से पहली बार कोई व्यक्ति सतोपंथ पहुंचा है। करीब 50 किमी के इस सफर को पांच दिन में पूरा कर सोमेश पंवार गुरुवार को बदरीनाथ लौटे।
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