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उत्तराखंड में बारिश: हरिद्वार-ऋषिकेश में खतरे के निशान पर बहती रही गंगा, हल्द्वानी में गौला नदी का एप्रोच पुल टूटा, तस्वीरें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 19 Oct 2021 09:01 PM IST
उत्तराखंड में उफान पर नदियां
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उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश से नदियां अपना रौद्र रूप दिखा रही हैं। पहाड़ों में बारिश के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। उधर, हल्द्वानी में गोला नदी उफान पर आने से नदी पर बना एप्रोच पुल टूट गया। जिसके कारण वहां आवाजाही बंद हो गई है। टनकपुर में शारदा नदी के उफान से क्रशर मार्ग ने नाले का रूप ले लिया है।

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मंगलवार की सुबह गोला नदी का जलस्तर 90 हजार क्यूसेक पार हो गया, जिससे अप्रोच पुल टूट गया। सूचना पर प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारियों ने सड़क का जायजा लिया। नदी का जलस्तर बढ़ने से गोला बैराज को खतरा पैदा हो गया है। बारिश के कारण नाला भी उफान पर आ गया जिससे नाले के किनारे बना एक मकान बह गया।

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हरिद्वार में उफान पर गंगा
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हरिद्वार में सुबह साढ़े आठ बजे से पानी के जलस्तर में बढोतरी हुई है। इसके बाद से प्रशासन अर्लट मोड पर है। बैराज के खतरे का निशान 294 मीटर पर है। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के एसडीओ शिवकुमार कौशिक ने बताया कि रात 12:00 बजे के बाद टिहरी बांध व श्रीगंगानगर से पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे क्षेत्र में अलर्ट जारी किया गया है।

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ऋषिकेश में गंगा के उफान पर आने से डूबे घाट
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पहाड़ी क्षेत्रों में जारी बारिश के चलते गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। सोमवार देर रात से ही गंगा का जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। गंगा परमार्थ निकेतन घाट स्थित शिवमूर्ति को छूकर बहने लगी। लोगों को जब यह नजारा देखा तो उनको 2013 की भीषण आपदा की याद आ गई।  प्रशासन तटीय क्षेत्रों में रह रहे लोगों को आश्रय स्थलों में शिफ्ट कर रहा है। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर 340.30 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा चेतावनी निशान 340.50 मीटर के बिल्कुल करीब पहुंच गई है।
ऋषिकेश में गंगा घाट डूबा
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केंद्रीय जल आयोग ने मैदानी जिलों का प्रशासन अलर्ट कर दिया है। पुलिस गंगा के तटीय क्षेत्र में रहने वाले लोगों को लगातार अलर्ट कर रही है। वहीं चंद्रेश्वर नगर, मायाकुंड, चंद्रभागा के आसपास रहने वाले लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है। त्रिवेणी घाट का आरती स्थल, परमार्थ घाट, नाव घाट, शत्रुघ्न घाट आदि पानी में डूब गए हैं।
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गर्जिया मंदिर की सीढ़ियों तक आया पानी
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कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर को खतरा पैदा हो गया है। पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है। वहीं बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं। कोसी बैराज पर कोसी नदी का जलस्तर 1,39,000 क्यूसेक है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। कोसी बैराज में खतरे का निशान 80000 क्यूसेक है।
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