उत्तराखंड सरकार की ओर से हाईकोर्ट में शुक्रवार को कहा गया कि हड़ताली टीचरों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उन्हें हड़ताल की अवधि का मानदेय भी नहीं दिया जाएगा। हाईकोर्ट ने सरकार का पक्ष सुनने के बाद हड़ताली गेस्ट टीचरों पर दायर याचिका निस्तारित कर दी। सरकार की कार्रवाई से वेटिंग लिस्ट के गेस्ट टीचरों की भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। पूर्व तिथि में कोर्ट ने हड़ताली गेस्ट टीचरों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
वेटिंग लिस्ट के गेस्ट टीचरों की भर्ती का रास्ता साफ, हटाएं जाएंगे हड़ताली
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न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। चंद्रशेखर तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि गेस्ट टीचरों की जो हड़ताल चल रही है, उस पर कोर्ट की खंडपीठ ने 11 नवंबर 2016 को आदेश जारी कर राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह चार सप्ताह के भीतर हड़ताल में गए गेस्ट टीचरों पर एस्मा लगाए।
इसके बावजूद राज्य सरकार ने हड़ताली कर्मचारियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं की। पूर्व में सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि सरकार ने अतिथि शिक्षकों को नियमित करने के लिए कई संशोधन किए। अतिथि शिक्षक नहीं माने तो सरकार ने हड़तालियों को हटाने के आदेश जारी किया है। हड़ताल की अवधि का मानदेय भी नहीं दिया जाएगा। इनके स्थान पर प्रतीक्षा सूची के अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।
मंत्री और अधिकारी आमने सामने
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि 3000 गेस्ट टीचर स्कूलों में अनुपस्थित मिले हैं। इन टीचरों के स्थान पर प्रतीक्षा सूची के टीचरों को तैनाती दी जाएगी। समस्त मुख्य शिक्षा अधिकारियों को इसके निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इस मामले में शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी टीचरों के पक्ष में हैं। मंत्री की ओर से विभागीय अधिकारियों को किसी भी गेस्ट टीचर को न हटाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं। यही वजह है कि गेस्ट टीचरों को हटाने के शासन के कई दिनो पूर्व के आदेश के बावजूद अब तक प्रतीक्षा सूची के टीचरों की तैनाती नहीं हो पाई है।
हड़ताली गेस्ट टीचरों को हटाकर प्रतीक्षा सूची के टीचरों को नियुक्ति के आदेश किए गए हैं, इस आदेश पर अभी कोई संशोधन नहीं किया गया है।
-डॉ. रणवीर सिंह अपर मुख्य सचिव