ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के बाहर मंगलवार को पुलिस ने 10 फीसदी भूखंड और 64.7 फीसदी मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों पर लाठीचार्ज किया। इसमें 20 किसान घायल हो गए। वहीं दो किसानों के सिर फट गए, जिन्हें गंभीर अवस्था में कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। किसानों ने साजिश के तहत लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की। साथ ही प्राधिकरण के सीईओ के तबादले और दोषी पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
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लाठीचार्ज
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसान मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे परी चौक से रैली निकालते हुए गामा-2 स्थित प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे। धरने-प्रदर्शन की जानकारी पर सीओ अरुण कुमार और कासना थाना प्रभारी अनिल प्रताप सिंह समेत तीन थानों की पुलिस किसानों को रोकने के लिए वहां मौजूद थी।
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लाठीचार्ज
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
इस दौरान सौ से अधिक किसान बेरिकेडिंग तोड़ते हुए गेट के सामने पहुंच गए। पुलिस ने लाठी फटकारी, लेकिन किसान नारेबाजी करते रहे। इस दौरान जब किसान प्राधिकरण गेट पर ताला लगाने के लिए आगे बढ़े तो पुलिस से उनकी धक्कामुक्की हुई। किसानों की भीड़ ने पुलिसकर्मियों को मुख्य गेट तक धकेल दिया।
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लाठीचार्ज
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
प्राधिकरण गेट पर किसानों का कब्जा होते देख पुलिसकर्मियों ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इसमें किसान नेता मनवीर भाटी, अंकित नागर, शेर सिंह नागर, अर्जुन सिंह, पवन शर्मा समेत 20 किसान घायल हो गए। लाठी लगने से बिसरख निवासी विकास नागर और मायचा निवासी अजब सिंह भाटी का सिर फट गया। उन्हें कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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लाठीचार्ज
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
लाठीचार्ज में घायल हुए किसान नेता मनवीर भाटी ने कहा कि प्राधिकरण सीईओ दीपक अग्रवाल किसान विरोधी हैं। उनके गौतमबुद्ध नगर के डीएम पद पर रहते हुए भट्टा पारसौल कांड हुआ था, जिसमें गोलियां चलाई गईं और किसान मारे गए थे। अब उनके कार्यकाल में लाठीचार्ज हुआ। भाटी ने कहा कि प्राधिकरण और पुलिस की साजिश के तहत लाठीचार्ज किया गया। जब तक सीईओ का तबादला और दोषी पुलिस कर्मचारियों को बर्खास्त नहीं किया जाएगा, तब तक किसान अनिश्चितकालीन धरना देंगे।