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सबसे बड़ा खुलासा: क्या सच में फर्जी है साक्षी मिश्रा और अजितेश की शादी, अब आगे क्या?
Sun, 14 Jul 2019 04:04 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 14 Jul 2019 04:04 PM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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अपने बिंदास और बेधड़क अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले विधायक राजेश मिश्रा उर्फ पप्पू भरतौल बागी हुई अपनी बेटी की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अपने घर की चहारदीवारी में ही सिमटे हुए हैं। वहीं, बेटी के विवाह को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। दरअसल जिस मंदिर में शादी होने का दावा किया जा रहा है, उसके महंत व विवाह की रस्में संपन्न कराने वाले पुरोहित अलग-अलग बयान दे रहे हैं। एक तरफ जहां महंत मंदिर में शादी कराए जाने से इंकार कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुरोहित उसी मंदिर में विवाह कराने की बात कह रहे हैं। लोगों की नजरें अब इस बात पर टिक गई है कि अब आगे इस जोड़े का क्या होगा?
विधायक राजेश मिश्रा का दावा
- फोटो : सोशल मीडिया
बता दें कि साक्षी और अजितेश ने अपना मैरिज सर्टिफिकेट दिखा कर शादी करने का दावा किया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मैरिज सर्टिफिकेट के अनुसार उनकी शादी प्रयागराज के बेगम सराय में स्थित रामजानकी मंदिर में स्थित दुर्गा देवी मंदिर परिसर में हुई थी। इसके मुताबिक अजितेश और साक्षी का विवाह चार जुलाई की शाम को मंदिर परिसर में वैदिक हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया गया। इस विवाह प्रमाणपत्र पर दो गवाहों आयुष कुमार और सुधीर कुमार के हस्ताक्षर भी हैं। इसमें लिखा है कि पुजारी विश्वपति शुक्ला ने अनुष्ठान संपन्न कराए।
मैरिज सर्टिफिकेट
- फोटो : सोशल मीडिया
बेगम बाजार में गंगा तट पर स्थित मंदिर का वास्तविक नाम श्री रामजानकी हनुमान मंदिर है, जिसके महंत परशुराम दास हैं। उनसे जब इस मुद्दे पर बात की गई तो उन्होंने साफ कह दिया कि इस मंदिर में न तो शादी होती है और न ही शादी हुई। विवाह के लिए जारी प्रमाणपत्र को भी उन्होंने गलत बताया। उधर विवाह प्रमाणपत्र जारी करने वाले आचार्य विश्वपति जी शुक्ल का कहना है कि विधायक पुत्री साक्षी व अजितेश का विवाह अतिप्राचीन रामजानकी मंदिर स्थित प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर परिसर में आयोजित कराया गया, जिसके लिए उन्हें 1100 रुपये की दक्षिणा भी दी गई।
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विधायक राजेश मिश्रा का दावा
- फोटो : सोशल मीडिया
राम जानकी मंदिर के पुजारी का कहना है कि साक्षी मिश्रा और अजितेश शादी के नाम पर जो प्रमाण-पत्र दिखा रहे हैं वो नकली है। वे चाहें तो कोर्ट में रजिस्टार के सामने पंजीकृत विवाह कर सकते हैं। इससे पहले साक्षी मिश्रा और अजितेश ने सुरक्षा की मांग करते हुए 11 जुलाई को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति वाई.के. श्रीवास्तव ने 15 जुलाई की तारीख तय की है। खबरों के मुताबिक इसी दिन इलाहाबाद हाईकोर्ट में दोनों पंजीकृत विवाह कर सकते हैं।
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साक्षी मिश्रा और अजितेश
- फोटो : ani
वहीं, पुलिस की ओर से साक्षी को सुरक्षा मुहैया करवा दी गई है। इससे पहले दिल्ली की गीता कॉलोनी में आज साक्षी, अजितेश, अजितेश के मामा, भाई और पिता से पुलिस मिली और इन्हें लेकर पुलिस सुरक्षा में सुबह 6 बजे इलाहाबाद रवाना हो गई। इलाहाबाद हाईकोर्ट में 15 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई होनी है। वहीं, बेटी के आरोपों को लेकर लगातार किए जा रहे सवालों से हताश विधायक अब इस मुद्दे पर ज्यादा बात भी नहीं करना चाहते। कहते हैं कि अब सब कुछ ईश्वर के ऊपर छोड़ दिया है। वही उनके साथ न्याय करेगा।