उतरी जिला पुलिस की सब्जी मंडी थाना पुलिस ने नवजात बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। बच्चों का सौदा करने के लिए आरोपी कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों के मोबाइल के व्हाट्सएप से इसका खुलासा हुआ है। हैरानी वाली बात ये है कि आरोपियों में एक बच्ची की मां भी शामिल है जो अपनी ही बच्ची का सौदा कर रही थी।
नवजात बच्चों का सौदा: 'कबूतर' और 'कबूतरी' बताकर होती थी बिक्री, एक मां ने अपनी ही बेटी की लगाई बोली
उतरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि शनिवार को तीस हजारी पुलिस चौकी, थाना सब्जी मंडी को सूचना मिली थी कि परवीन खातून नामक एक महिला नवजात बच्चों का सौदा करती है। सूचना के बाद पुलिस ने उसकी जानकारी जुटाई। इसके बाद एक टीम को जांच के लिए लगाया गया। सिपाही राकेश और अंजू को नकली ग्राहक बनाकर परवीन के पास भेजा गया। परवीन के साथ एक उसके साथी सतीश ने बताया कि मंगोलपुरी में रहने वाली संतोष नामक महिला के पास कोई बच्चा है।
बताया कि नकली ग्राहक राकेश और अंजू परवीन और सतीश के साथ मंगोलपुरी संतोष के पास पहुंचे। बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में हुआ। इसके बाद मधु नामक महिला को बुलाया गया। वह बच्ची की मां थी। डील फाइल होने के बाद एडवांस के रूप में परवीन को 50 हजार रुपये सौंप दिए गए। बाकी रुपये सब्जी मंडी इलाके से देने की बात की गई। रास्ते में परवीन ने 30 हजार, मधु को, चार हजार सतीश और छह हतार संतोष को देकर बाकी 10 हजार खुद रख लिये।
सब्जी मंडी लाकर टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मधु ने बताया कि उसने 16 दिसंबर 2021 को ही बच्ची को जन्म दिया था। वह बच्ची नहीं चाहती थी। इसलिए उसने संतोष से बच्ची का सौदा करवाने के लिए कहा था। वहीं छानबीन के दौरान पुलिस को परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है। शुरुआत में छह बच्चों के सौदा करने की बात सामने आई है। परवीन ने बताया कि वह नवजात बच्चों के बेचने वाले माता-पिता से संपर्क रखते थे। जिन दंपती को बच्चे नहीं होते वह चुपचाप ऐसे गैंग से बच्चे खरीदकर कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि परवीन के कुछ अस्पताल से भी संपर्क मिले हैं। परवीन और सतीश के खिलाफ पहले से दुष्कर्म व अन्य धाराओं में मामला दर्ज मिला है।
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल के व्हाट्सएप से कई बच्चों की जानकारी मिली है। परवीन के मोबाइल से मिले संदेश में वह नवजात लड़कों के लिए कबूतर तो लड़कियों के लिए कबूतरी का शब्दों का इस्तेमाल करती हुई दिखती है। माना जा रहा है कि इनके गैंग के लोग दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के राज्यों में फैले हुए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर गैंग के बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।