नवजात बच्चों का सौदा: 'कबूतर' और 'कबूतरी' बताकर होती थी बिक्री, एक मां ने अपनी ही बेटी की लगाई बोली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 25 Jan 2022 09:18 AM IST
बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का पर्दाफाश
1 of 5
विज्ञापन
उतरी जिला पुलिस की सब्जी मंडी थाना पुलिस ने नवजात बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने इस संबंध में तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को दबोचा है। आरोपियों से पूछताछ के दौरान हैरान कर देने वाले खुलासे हुए हैं। बच्चों का सौदा करने के लिए आरोपी कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों के मोबाइल के व्हाट्सएप से इसका खुलासा हुआ है। हैरानी वाली बात ये है कि आरोपियों में एक बच्ची की मां भी शामिल है जो अपनी ही बच्ची का सौदा कर रही थी।

इनकी पहचान गैंग लीडर तुलसी निकेतन, लोनी, गाजियाबाद निवासी महिला परवीन खातून (45), इसका साथी राजस्थान निवासी सतीश (35), इनकी तीसरी साथी मंगोलपुरी निवासी संतोष (35) और मोहन गार्डन, उतम नगर निवासी बच्ची की मां मधु सिंह (30) के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से मधु को जेल भेज दिया गया है। बाकी को रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि इन लोगों ने अब तक करीब छह बच्चों का सौदा किया है। पुलिस को इनके मोबाइल फोन से गैंग के कुछ और लोगों का सुराग मिला है। पुलिस की टीम उन तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
 
बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का पर्दाफाश
2 of 5
उतरी जिला पुलिस उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि शनिवार को तीस हजारी पुलिस चौकी, थाना सब्जी मंडी को सूचना मिली थी कि परवीन खातून नामक एक महिला नवजात बच्चों का सौदा करती है। सूचना के बाद पुलिस ने उसकी जानकारी जुटाई। इसके बाद एक टीम को जांच के लिए लगाया गया। सिपाही राकेश और अंजू को नकली ग्राहक बनाकर परवीन के पास भेजा गया। परवीन के साथ एक उसके साथी सतीश ने बताया कि मंगोलपुरी में रहने वाली संतोष नामक महिला के पास कोई बच्चा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का पर्दाफाश
3 of 5
बताया कि नकली ग्राहक राकेश और अंजू परवीन और सतीश के साथ मंगोलपुरी संतोष के पास पहुंचे। बातचीत के बाद सौदा दो लाख रुपये में हुआ। इसके बाद मधु नामक महिला को बुलाया गया। वह बच्ची की मां थी। डील फाइल होने के बाद एडवांस के रूप में परवीन को 50 हजार रुपये सौंप दिए गए। बाकी रुपये सब्जी मंडी इलाके से देने की बात की गई। रास्ते में परवीन ने 30 हजार, मधु को, चार हजार सतीश और छह हतार संतोष को देकर बाकी 10 हजार खुद रख लिये।
 
बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का पर्दाफाश
4 of 5
सब्जी मंडी लाकर टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान मधु ने बताया कि उसने 16 दिसंबर 2021 को ही बच्ची को जन्म दिया था। वह बच्ची नहीं चाहती थी। इसलिए उसने संतोष से बच्ची का सौदा करवाने के लिए कहा था। वहीं छानबीन के दौरान पुलिस को परवीन के मोबाइल से कई बच्चों के सौदा करने का पता चला है। शुरुआत में छह बच्चों के सौदा करने की बात सामने आई है। परवीन ने बताया कि वह नवजात बच्चों के बेचने वाले माता-पिता से संपर्क रखते थे। जिन दंपती को बच्चे नहीं होते वह चुपचाप ऐसे गैंग से बच्चे खरीदकर कानूनी प्रक्रिया से बचना चाहते हैं। शुरुआती जांच के बाद पता चला है कि परवीन के कुछ अस्पताल से भी संपर्क मिले हैं। परवीन और सतीश के खिलाफ पहले से दुष्कर्म व अन्य धाराओं में मामला दर्ज मिला है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन
बच्चों का सौदा करने वाले गैंग का पर्दाफाश
5 of 5
कोडवर्ड में करते थे बातचीत, लड़के को कबूतर तो लड़की को कबूतरी बोला जाता था...
पुलिस को आरोपियों के मोबाइल के व्हाट्सएप से कई बच्चों की जानकारी मिली है। परवीन के मोबाइल से मिले संदेश में वह नवजात लड़कों के लिए कबूतर तो लड़कियों के लिए कबूतरी का शब्दों का इस्तेमाल करती हुई दिखती है। माना जा रहा है कि इनके गैंग के लोग दिल्ली-एनसीआर के अलावा आसपास के राज्यों में फैले हुए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर गैंग के बाकी साथियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
  • Downloads
    News Stand

Follow Us

  • Facebook Page
  • Twitter Page
  • Youtube Page
  • Instagram Page
  • Telegram
एप में पढ़ें
सबसे तेज और बेहतर अनुभव के लिए चुनें अमर उजाला एप
अभी नहीं

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00