नेपाल और देशभर के विभिन्न हिस्सों से मानव तस्करी कर दिल्ली लाई गई महिलाओं को अवैध रूप से विदेशों में भेजने वाले एक गिरोह को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। गिरोह नौकरी दिलाने का झांसा देकर महिलाओं को अवैध रूप से श्रीलंका के रास्ते दुबई, ओमान और कुवैत के अलावा अन्य खाड़ी देशों में भेजता था।
नेपाल और देशभर से की 1500 महिलाओं की तस्करी, विदेश भेजकर होता था शारीरिक शोषण
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वहां पर नौकरी के अलावा महिलाओं का शारीरिक शोषण भी किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नेपाल निवासी शाबिन शाह उर्फ शोभिन केशी (52) और इसकी साथी पश्चिम बंगाल निवासी महिला बिदिया लामा उर्फ लक्ष्मी (34) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से 16 नेपाली महिलाओं समेत कुल 26 महिलाओं को मुक्त कराया है। पुलिस की मानें तो गिरोह करीब 1500 महिलाओं को खाड़ी देशों में भेज चुका है।
अपराध शाखा के संयुक्त आयुक्त रविंद्र यादव ने बताया कि एक सितंबर को दो नेपाली महिलाओं ने नेपाली दूतावास के निर्देश पर अपराध शाखा में शिकायत की। महिलाओं का कहना था रामू चौधरी नामक शख्स दोनों को दुबई में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली लाया था। यहां पिछले 10 दिनों से उन्हें महिपालपुर के एक शेल्टर होम के अंधेरे कमरे में बंधक बनाकर रखा।
दोनों के पासपोर्ट भी इनके पास थे। अब वह श्रीलंका के कोलंबो होते हुए दुबई भेजने की बात कर रहे थे। नौकरी के नाम पर मोटी रकम भी मांगी जा रही थी। महिलाओं ने बताया कि उन्हें पिछले दस दिनों में बाहर निकलने की इजाजत नहीं थी। उन्होंने किसी तरह बाहर निकलकर आरोपियों की शिकायत अपने जानकारों के जरिये नेपाली दूतावास में की थी।
जानकारी जुटाते ही पुलिस ने महिपालपुर के शेल्टर होम में छापा मारकर 20 और महिलाओं को मुक्त कराया। इस बीच तीन सितंबर को बिदियालामा नामक महिला को जो शेल्टर होम की केयरटेकर थी उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया। महिलाओं को कोर्ट में पेश कर नारी निकेतन भेज दिया गया।