दारोगा अख्तर खान के पिता ने आरोप लगाया कि उनका बेटा साजिश का शिकार हुआ है। जब कोतवाल, दारोगा समेत 12 पुलिसवाले मौके पर थे तो अख्तर को छोड़ कर भाग क्यों गए।
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दादरी में दरोगा शहीद
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
गोली लगने के बाद भी समय रहते उनके बेटे को अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया। इस पूरी घटना में दादरी पुलिस टीम पूरी तरह दोषी है। सभी दोषी पुलिसवालों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करते हुए सीबीआई जांच होनी चाहिए।
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दादरी में दरोगा शहीद
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अख्तर खान पुत्र बाबू मूल रूप से फिरदौस कॉलोनी, पुरानी चुंगी अलीगढ़ के रहने वाले थे। मुठभेड़ में अख्तर के शहीद होने की जानकारी मिलने पर पीड़ित परिजन दादरी पहुंचे।
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दादरी में दरोगा शहीद
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
उनके पिता, बहन और भाई का रो-रो कर बुरा हाल था। अख्तर की बहन सादा ने कहा कि उसके भाई को पुलिस वालों ने ही साजिश कर मरवा दिया है। कोट पुलिस चौकी पर तैनात होने के बावजूद उनके भाई को दादरी की दबिश में क्यों ले जाया गया।
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दादरी में दरोगा शहीद
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
दरवाजा खुलवाते वक्त बाकी पुलिसवाले साथ क्यों नहीं थे। गोली चलने पर भाई तड़पता रहा और उसे अस्पताल पहुंचाने की किसी ने हिम्मत नहीं जुटाई। कोतवाल समेत पुलिस वालों की भूमिका ठीक नहीं है। उसके भाई की पुलिस वालों ने ही साजिश कर हत्या कराई है।